देश की खबरें | एनपीआरडी ने जी एन साईबाबा को नागपुर जेल से अस्पताल भेजने के लिए एनएचआरसी से हस्तक्षेप की मांग की
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नयी दिल्ली, 21 जुलाई दिव्यांगों के अधिकारों के लिए काम करने वाली गैर सरकारी संगठन एनपीआरडी ने राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग से नागपुर केंद्रीय कारागर जेल में बंद जीएन साईबाबा को अस्पताल भेजने के लिए हस्तक्षेप की मांग की है।
साईबाबा दिव्यांग हैं और व्हीलचेयर का इस्तेमाल करते हैं।
दिल्ली विश्वविद्यालय के पूर्व प्रोफेसर साईबाबा माओवादियों से संपर्क होने के आरोप में उम्रकैद की सजा काट रहे हैं। उन्होंने अपने खराब स्वास्थ्य और कोरोना वायरस महामारी का हवाला देते हुए बंबई उच्च न्यायालय के नागपुर पीठ के समक्ष जमानत याचिका दायर की है।
साईबाबा बचपन से ही पोलियो से पीड़ित हैं और उन्हें रीढ़ और तंत्रिका तंत्र की भी समस्या है।
राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के अध्यक्ष एच एल दत्तू को एक याचिका में दिव्यांगो के अधिकारों के लिए राष्ट्रीय मंच एनपीआरडी के महासचिव मुरलीधरण ने कहा कि साईबाबा को नागपुर जेल में कई तरह की दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
याचिका में कहा गया है कि जेल परिसर में उनकी चीजों तक पहुंच नहीं हो पाती है। पुलिस और जेलकर्मी उनके साथ नियमित रूप से खराब व्यवहार करते हैं और हाथापाई करते हैं। इसके अतिरिक्त एकांत कारावास की वजह से उन्हें अंडा सेल में खराब स्थिति में रहना पड़ रहा है। पहले उन्हें जब अन्य कैदियों के साथ रखा गया था तो दूसरे कैदी उनकी मदद कर देते थे और अब वह मदद भी रूक गई है।
एनपीआरडी ने कहा कि साईबाबा को कोरोना वायरस संक्रमण का खतरा है। एनपीआरडी ने दावा किया कि नागपुर जेल की स्थिति खराब है। वहां क्षमता से अधिक संख्या में लोगों की मौजूदगी के अलावा कई गार्ड और कैदी कोरोना वायरस से संक्रमित पाए गए हैं। एक तो साईबाबा के कक्ष से नजदीक ही संक्रमित पाया गया।
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