नयी दिल्ली, 29 अगस्त केंद्रीय रसायन एवं उर्वरक मंत्री डी वी सदानंद गौड़ा ने शनिवार को कहा कि राष्ट्रीय औषधि मूल्य निर्धारण प्राधिकरण (एनपीपीए) उचित मूल्य पर आवश्यक दवाएं उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
गौड़ा ने कहा कि कोविड-19 महामारी के दौरान दवाओं की कमी नहीं हुई। उन्होंने इसके लिए एनपीपीए की भूमिका की सराहना की।
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गौड़ा ने एनपीपीए के 23वें स्थापना दिवस पर वक्तव्य में कहा, ‘‘एनपीपीए उचित कीमत पर जीवनरक्षक दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए दिन-रात काम कर रहा है। यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सभी नागरिकों को सस्ती स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के दृष्टिकोण के अनुरूप है।’’
उन्होंने कहा कि प्राधिकरण ने सुनिश्चित किया कि कोविड-19 के दौरान दवाओं की किसी तरह की कमी नहीं हो। साथ ही उसने अपने नियंत्रण कक्षों के जरिये आम जनता की शिकायतों को प्रभावी तरीके से दूर किया।’’
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गौड़ा ने कहा कि प्राधिकरण ने महामारी के दौरान 120 देशों की जरूरतों को भी पूरा किया और उन्हें महत्वपूर्ण दवाओं की आपूर्ति की।
उन्होंने कहा कि 29 अगस्त भारत के लिए एक महत्वपूर्ण दिन है। इसी दिन एनपीपीए की स्थापना हुई थी। एनपीपीए आवश्यक और जीवनरक्षक दवाओं की की कीमतों को नियंत्रित करता है।
रसायन एवं उर्वरक राज्यमंत्री मनसुख मंडाविया ने ट्वीट किया कि प्राधिकरण प्रधानमंत्री के ‘स्वस्थ देश’ के दृष्टिकोण के अनुरूप दिन-रात काम कर रहा है। यह आम लोगों को करोड़ों रुपये बचाने में मदद कर रहा है।
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