देश की खबरें | उच्चतम न्यायालय का भूजल दोहन पर एनजीटी के आदेश के खिलाफ अपील पर केंद्र को नोटिस

नयी दिल्ली, 24 सितंबर उच्चतम न्यायालय ने अनधिकृत रूप से भूजल का दोहन करने के मामले में नोएडा गोल्फ कोर्स सोसाइटी पर 25 लाख रुपये का जुर्माना लगाने के राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) के आदेश के खिलाफ दायर अपील पर शुक्रवार को केंद्र और अन्य पक्षों को नोटिस जारी किये।

न्यायमूर्ति एस ए नजीर और न्यायमूर्ति कृष्ण मुरारी की पीठ ने पर्यावरण एवं वन मंत्रालय, उत्तर प्रदेश सरकार, केंद्रीय भूमि जल प्राधिकरण, नवीन ओखला औद्योगिक विकास प्राधिकरण (नोएडा) और अन्य को नोटिस जारी कर जवाब मांगा।

शीर्ष अदालत ने अपील को अपने समक्ष लंबित इसी तरह के मामले के साथ सूचीबद्ध कर दिया।

पीठ ने कहा, ‘‘भूजल का अत्यधिक दोहन नहीं करें। क्या आप अब भी भूजल निकाल रहे हैं।’’

नोएडा गोल्फ कोर्स सोसाइटी की ओर से पेश हुए वकील ने पीठ को बताया कि सोसाइटी नोएडा प्राधिकरण द्वारा जल-मल शोधन संयंत्र से उपलब्ध कराए जा रहे पानी का इस्तेमाल कर रही है।

अनधिकृत रूप से भूजल का दोहन किए जाने के मामले में एनजीटी ने नोएडा गोल्फ कोर्स और एडवैंट नैविस बिजनेस पार्क पर 25 लाख रुपये का जुर्माना लगाया था।

हरित इकाई ने यह आदेश केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की एक समिति की रिपोर्ट के बाद दिया था जिसमें कहा गया था कि भूजल का अवैध दोहन किया जा रहा है और बागवानी के लिये इस भूजल का दुरुपयोग किया जा रहा है।

अधिकरण ने कहा था कि यह स्पष्ट नहीं है कि अनापत्ति प्रमाण पत्र की शर्तो का पालन किया जा रहा है या नहीं

पर्यावरण कार्यकर्ता विक्रांत तोंगड ने याचिका दायर कर यह मुद्दा उठाया था।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)