जबलपुर (मध्यप्रदेश), 17 जून मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय ने वैश्विक महामारी कोरोना वायरस के कारण प्रदेश लौटे प्रवासी मजदूरों को शासकीय योजना का लाभ दिलाने की मांग को लेकर दायर की गई जनहित याचिका पर राज्य सरकार एवं केन्द्र सरकार को बुधवार को नोटिस जारी कर 30 जून तक जवाब तलब किया है।
गुना के सामाजिक संगठन बंधुआ मुक्ति मोर्चा की तरफ से दायर की गयी याचिका पर सुनवाई करते हुए उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति ए के मित्तल तथा न्यायमूर्ति वी के शुक्ला की पीठ ने मध्यप्रदेश सरकार एवं केन्द्र सरकार को नोटिस जारी कर 30 जून तक जवाब मांगा है।
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अदालत ने इस याचिका पर अगली सुनवाई दो जुलाई को निर्धारित की है।
यह जानकारी याचिकाकर्ता के अधिवक्ता सन्नो शगुफ्ता खान ने दी है।
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खान ने कहा कि इस याचिका में कहा गया है कि कोरोना वायरस के कारण दूसरे राज्यों से बडी संख्या में प्रवासी मजदूर मध्यप्रदेश में लौट रहे हैं। प्रवासी मजदूरों को खाद्य तथा आर्थिक मदद करने के लिए कई शासकीय योजनाएं संचालित की जा रही हैं, जिससे प्रवासी मजदूर अपना जीवन-यापन कर सकें। लेकिन दूसरे प्रदेशों से लौटे प्रवासी मजूदरों को मध्यप्रदेश में किसी प्रकार की शासकीय योजना का लाभ नहीं मिल रहा है।
उन्होंने कहा कि याचिका के साथ वापस लौटे प्रवासी मजदूरों के नाम की सूची आधार कार्ड के साथ प्रस्तुत की गयी है।
खान ने बताया कि याचिका में कहा गया है कि शासकीय योजना का लाभ नहीं मिलने के कारण प्रवासी मजदूरों की स्थिति बहुत दयनीय है।
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