मुंबई, दो सितंबर महाराष्ट्र के भाजपा विधायक आशीष शेलार ने बृहस्पतिवार को आरोप लगाया कि शिवसेना शासित बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) ने पिछले पांच वर्षों में 1.50 लाख करोड़ रुपये खर्च करने का दावा किया है, लेकिन उसका कोई नामो-निशान नहीं है।
उन्होंने यहां पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि जब नयी परियोजनाओं को लागू करने की बात आती है तो मुंबई के चुनिंदा इलाकों को ही प्राथमिकता दी जाती है।
उन्होंने कहा, ''बीएमसी का औसत वार्षिक बजट 30,000 करोड़ रुपये से 34,000 करोड़ रुपये के बीच है। यहां तक कि अगर आप मानते हैं कि निगम ने हर साल 30,000 करोड़ रुपये खर्च किए हैं, तो पिछले पांच वर्षों में बीएमसी द्वारा खर्च किए गए 1.50 लाख करोड़ रुपये का कोई नामो-निशान नहीं है। शहर में न तो नयी सड़कें बनाई गईं हैं और न ही लोगों के लिए नया बुनियादी ढांचा।''
राज्य के पूर्व मंत्री ने कहा, ''बीएमसी पर शासन करने वालों को इस महत्वपूर्ण सवाल का जवाब देना होगा।'
शिवेसना की ओर से शेलार के दावे पर कोई बयान नहीं आया है।
मुंबई के विधायक शेलार ने बीएमसी पर परियोजनाओं के आवंटन में भेदभाव का आरोप लगाया।
भाजपा नेता ने कहा, ''बीएमसी मुंबई में केवल दो क्षेत्र कलानगर और वर्ली में काम कराती है। मुंबई में जो भी प्रोजेक्ट आते हैं, उन्हें वहीं लागू किया जाता है। मुंबई के बाकी हिस्सों में सौतेला व्यवहार क्यों होता है?''
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे का निजी आवास 'मातोश्री' उपनगरीय बांद्रा के कलानगर में स्थित है, जबकि उनके बेटे आदित्य ठाकरे वर्ली से विधायक और कैबिनेट सदस्य हैं।
इससे पहले, शेलार ने निगम वार्ड एच के कार्यालय के बाहर भाजपा कार्यकर्ताओं की एक रैली का नेतृत्व किया और मांगों का एक ज्ञापन सौंपा, जिसमें निसर्ग और ताउते चक्रवात से प्रभावित लोगों को वित्तीय सहायता प्रदान करना शामिल था।
बीएमसी राज्य के उन नगर निकायों में से एक है, जहां 2022 की शुरुआत में चुनाव होने वाले हैं।
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