देश की खबरें | भारत में ओमीक्रोन का मामला नहीं, लेकिन चिंताएं बढ़ीं; द अफ्रीका से लौटने वाले व्यक्ति के नमूने की जांच जारी

नयी दिल्ली, 29 नवंबर भारत में अभी तक कोरोना वायरस के नये स्वरूप ‘ओमीक्रोन’ का कोई मामला सामने नहीं आया है, लेकिन कर्नाटक के स्वास्थ्य मंत्री ने सोमवार को कहा कि हाल ही में दक्षिण अफ्रीका से लौटे दो लोगों में से एक का नमूना “डेल्टा स्वरूप से अलग” प्रतीत होता है। हालांकि, विशेषज्ञों ने जोर देकर कहा कि टीका इस वायरस के खिलाफ एक महत्वपूर्ण हथियार बना हुआ है।

डब्ल्यूएचओ ने कहा है कि यह ‘‘अभी तक स्पष्ट नहीं है’’ कि क्या नया स्वरूप अधिक संक्रामक है या अधिक गंभीर बीमारी का कारण बनता है, लेकिन भारत में राज्यों के अधिकारियों ने नयी स्थिति से निपटने के प्रयास तेज कर दिये हैं।

नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि निर्धारित अंतरराष्ट्रीय यात्री सेवाओं को फिर से शुरू करने पर “किसी भी आगे के फैसले” के संबंध में अन्य मंत्रालयों के परामर्श से स्थिति पर बारीकी से नजर रखी जा रही है।

केंद्र सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि दिल्ली में नए स्वरूप के संस्करण का कोई मामला सामने नहीं आया है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय यात्रियों के सकारात्मक नमूनों के जीनोमिक विश्लेषण के परिणामों में तेजी लाई जा रही है।

दक्षिण अफ्रीका से लौटने के बाद कोरोनावायरस की जांच में पॉजिटिव पाये गये महाराष्ट्र के ठाणे के 32 वर्षीय मर्चेंट नेवी इंजीनियर को पृथकवास में रखा गया है और उसका नमूना जीनोम अनुक्रमण के लिए भेजा गया है।

कल्याण डोंबिवली नगर निगम (केडीएमसी) की महामारी नियंत्रण अधिकारी डॉ प्रतिभा पनपाटिल ने कहा कि इसका परिणाम सात दिनों के बाद पता चलेगा।

मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने कहा, ‘‘विदेश से आने वाले यात्रियों की जानकारी नियमित रूप से प्राप्त की जानी चाहिए, ताकि उन पर निगरानी रखी जा सके और संक्रमण को समय रहते रोका जा सके।’’

दिल्ली में, अधिकारियों ने 'उच्च-जोखिम' वाले देशों से आने वाले सभी लोगों के लिए आरटी-पीसीआर परीक्षण, पॉजिटिव पाए गए मामलों की जीनोम अनुक्रमण और अनिवार्य पृथकवास का आदेश दिया है।

मध्य प्रदेश के जबलपुर में, स्वास्थ्य अधिकारियों ने 18 नवंबर को शहर का दौरा करने वाली खुनो ओरमीत सेलिन नाम की बोत्सवाना की एक महिला की तलाश की । जबलपुर के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ रत्नेश कुरारिया ने पीटीआई- से कहा, ‘‘बोस्वाना दूतावास के एक अधिकारी ने हमें फोन पर बताया कि वह जबलपुर में एक सैन्य संगठन में पृथकवास में है। हमने उससे उसका मोबाइल फोन नंबर और उसका स्थानीय संपर्क साझा करने के लिए कहा है।’’

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