गुवाहाटी, 19 जनवरी असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने शुक्रवार को कहा कि केंद्र की मौजूदा सरकार से लगातार मिल रही तवज्जो के कारण पूर्वोत्तर क्षेत्र एक परिवर्तनकारी यात्रा पर निकल पड़ा है।
शर्मा ने शिलांग में हुई पूर्वोत्तर परिषद (एनईसी) के 71वें पूर्ण सत्र में कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र की मौजूदा सरकार ने पूर्वोत्तर क्षेत्र के सामाजिक-आर्थिक विकास के लिए अथक कदम उठाए हैं।
हाल में नीति आयोग द्वारा प्रकाशित बहुआयामी गरीबी सूचकांक 2024 का हवाला देते हुए, मुख्यमंत्री ने कहा कि असम की बहुआयामी गरीबी 2013-14 में 36.97 प्रतिशत से घटकर 2022-23 में 14.47 फीसदी हो गई है।
उन्होंने कहा कि गरीबी दर में गिरावट ने पिछले नौ वर्षों के दौरान राज्य के लगभग 80 लाख लोगों को गरीबी से बाहर निकाला है।
शर्मा ने विश्वास व्यक्त किया कि अगले वित्तीय वर्ष के लिए सकल राज्य घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) मौजूदा स्तर से अधिक वृद्धि दर्ज करेगा।
उन्होंने केंद्र से पूर्वोत्तर के लिए एक नई औद्योगिक नीति लाने का आग्रह किया ताकि क्षेत्र अधिक निजी निवेशकों को आकर्षित कर सके।
शर्म ने कहा, “विभिन्न समुदायों की वास्तविक आशाओं और आकांक्षाओं को पूरा करने पर केंद्र सरकार के ध्यान के परिणामस्वरूप कई दशकों के बाद असम में शांति लौट आई है।”
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले साल न तो किसी सुरक्षाकर्मी की और न ही आम लोगों की हिंसक घटनाओं में मृत्यु हुई।
शर्मा ने कहा कि सशस्त्र बल विशेष अधिकार अधिनियम वर्तमान में केवल चार जिलों में लागू है और “हमें उम्मीद है कि केंद्र इसे राज्य से पूरी तरह से रद्द करने की संभावना तलाशेगा।”
उन्होंने कहा कि असम और उसके पड़ोसी राज्यों के बीच सीमा विवादों का समाधान सही दिशा में आगे बढ़ रहा है।
वहीं, इसी बैठक में, त्रिपुरा के मुख्यमंत्री माणिक साहा ने केंद्र से सोसायटी द्वारा संचालित त्रिपुरा मेडिकल कॉलेज (टीएमसी), को एम्स जैसे संस्थान में उन्नयन करने का अनुरोध किया।
साहा ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर कहा कि उन्होंने एनईसी कोष के आवंटन में वृद्धि, टीएमसी को एम्स जैसे संस्थान में उन्नयन करने, त्रिपुरा जनजातीय क्षेत्र स्वायत्त जिला परिषद (टीटीएएडीसी) क्षेत्र में मेडिकल कॉलेज स्थापित करने, औद्योगिक उद्देश्य के लिए प्राकृतिक गैस आवंटन में वृद्धि और अगरतला-कॉक्स बाजार अंतरराष्ट्रीय उड़ान के शीघ्र संचालन समेत अन्य मामलों के लिए अनुरोध किया।
बैठक में केंद्रीय गृह मंत्री एवं एनईसी के अध्यक्ष अमित शाह, केंद्रीय पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री (डीओएनईआर) जी किशन रेड्डी, केंद्रीय डीओएनईआर राज्य मंत्री बीएल वर्मा और सभी राज्यों के राज्यपाल और मुख्यमंत्री उपस्थित थे।
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