देश की खबरें | कोई ताकत भारत की एक इंच जमीन नहीं ले सकती, बातचीत से सीमा विवाद हल होने की उम्मीद : राजनाथ

लुकुंग (लद्दाख), 17 जुलाई लद्दाख की यात्रा पर आए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शुक्रवार को उम्मीद जताई कि चीन के साथ चल रही बातचीत से सीमा गतिरोध का हल निकल जाएगा लेकिन वह इसकी गारंटी नहीं दे सकते कि इसमें किस हद तक कामयाबी मिलेगी। इसके साथ ही सिंह ने जोर दिया कि दुनिया की कोई भी ताकत भारत की एक इंच भी जमीन नहीं ले सकती।

सिंह ने लुकुंग में एक अग्रिम चौकी पर सेना तथा भारत तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) के जवानों को संबोधित करते हुए कहा कि अगर भारत के आत्म-सम्मान को चोट पहुंचाने की कोशिश की जाती है, तो इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और उसे "उचित जवाब’’ दिया जाएगा।

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सिंह ने पूर्वी लद्दाख में पैगोंग झील के तट पर स्थित एक अग्रिम सैन्य चौकी पर कहा, ‘‘बातचीत में जो भी प्रगति हुई है, मामले का समाधान होना चाहिए। लेकिन किस हद तक इसका हल होगा, मैं गारंटी नहीं दे सकता। हालांकि, मैं आश्वासन देना चाहता हूं कि दुनिया की कोई भी ताकत भारत की एक इंच भूमि भी नहीं छू सकती है, इस पर कोई कब्जा नहीं कर सकता है।’’

पूर्वी लद्दाख में कई स्थानों पर पांच मई से भारत और चीन के सैनिकों के बीच गतिरोध चल रहा है। गलवान घाटी में दोनों देशों के सैनिकों के बीच हिंसक झड़प के बाद यह तनाव बहुत अधिक बढ़ गया।

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सिंह ने कहा कि सबसे अच्छी बात यह होगी कि इस मामले का बातचीत के जरिए हल किया जाए और सैन्य तथा राजनयिक दोनों स्तरों पर यह प्रक्रिया चल रही है।

उन्होंने कहा, ‘‘हम अशांति नहीं चाहते, हम शांति चाहते हैं। यह हमारा चरित्र रहा है कि हमने कभी किसी देश के स्वाभिमान को चोट पहुंचाने की कोशिश नहीं की है। यदि भारत के स्वाभिमान को चोट पहुंचाने की कोशिश की गई है, तो हम इसे बर्दाश्त नहीं करेंगे और उचित जवाब देंगे।’’

रक्षा मंत्री ने 15 जून को गलवान घाटी में चीनी सेना के साथ झड़पों में भारत के 20 सैन्यकर्मियों की शहादत का परोक्ष जिक्र करते हुए कहा, ‘‘हम अपने जवानों का बलिदान व्यर्थ नहीं जाने देंगे।’’

उन्होंने कहा, "हमें भारतीय सेना पर गर्व है। मैं सैनिकों के बीच गर्व महसूस कर रहा हूं। हमारे सैनिकों ने अपनी जान दे दी है। इससे 130 करोड़ भारतीय दुखी हैं।"

सिंह ने कहा कि भारत दुनिया का एकमात्र देश है जिसने पूरी दुनिया को शांति का संदेश दिया है।

उन्होंने कहा, ‘‘हमने कभी किसी देश पर हमला नहीं किया और न ही किसी देश की भूमि पर कब्जा किया है। भारत ने वसुधैव कुटुम्बकम् (दुनिया एक परिवार है) का संदेश दिया है।"

सिंह ने कहा, "अब हमारा भारत कमजोर भारत नहीं है। भारत के पास मजबूत नेतृत्व है। हमें नरेंद्र मोदी जैसा प्रधानमंत्री मिला है। हमें एक ऐसा प्रधानमंत्री मिला है जो फैसले ले सकते हैं।"

उन्होंने उन बहादुर सैनिकों को भी याद किया जिन्होंने करगिल युद्ध में अपनी जान जोखिम में डालकर देश की सीमाओं की रक्षा की।

सिंह एक दिवसीय दौरे पर लेह पहुंचे। रक्षा मंत्री के इस दौरे में उनके साथ प्रमुख रक्षा अध्यक्ष जनरल बिपिन रावत और थलसेना प्रमुख जनरल एम. एम. नरवणे भी थे।

कई दौर की राजनयिक एवं सैन्य बातचीत के बाद छह जुलाई से दोनों ओर के सैनिक पीछे हटने लगे।

भारतीय थल सेना ने पूर्वी लद्दाख में तनाव घटाने पर भारत और चीन के बीच चौथे चरण की लंबी सैन्य बातचीत के बाद बृहस्पतिवार को कहा था कि दोनों देश अपने-अपने सैनिकों को पूरी तरह से पीछे हटाने के लिये प्रतिबद्ध हैं। हालांकि, यह प्रक्रिया ‘‘जटिल’’ है, जिसका निरंतर सत्यापन करने की जरूरत है।

उधर, विदेश मंत्रालय ने कहा था कि वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर भारत के रुख में कोई बदलाव नहीं हुआ है और यथा स्थिति बदलने की कोई भी ‘‘एकतरफा कोशिश’’ उसे (भारत को) स्वीकार्य नहीं होगी।

रक्षा मंत्री सिंह ने ऊंचाई वाले एक अग्रिम अड्डे पर सैन्य अभ्यास देखा जिसमें युद्धक हेलीकॉप्टरों, टैंकों के साथ कमांडो भी शामिल हुए।

सैन्य अभ्यास में थल सेना और वायु सेना ने क्षेत्र में तैयारियों का प्रदर्शन किया। क्षेत्र में भारत और चीन तीखे सीमा गतिरोध में उलझे हुए हैं।

सैन्य अभ्यास में बड़ी संख्या में कमांडो, टैंक, बीएमपी युद्धक वाहनों, अपाचे, रुद्र और एमआई -17 वी5 जैसे हेलीकॉप्टरों ने भाग लिया।

जवानों ने रक्षा मंत्री सिंह की मौजूदगी में पैरा ड्रॉपिंग और अन्य करतबों का प्रदर्शन किया। इस दौरान प्रमुख रक्षा अध्यक्ष जनरल बिपिन रावत और थलसेना प्रमुख जनरल एम. एम. नरवणे भी मौजूद थे।

सिंह ने बाद में ट्वीट किया, ‘‘लेह के पास स्ताकना में आज पैरा ड्रॉपिंग और सैन्य प्रदर्शनों के दौरान भारतीय थलसेना की मारक क्षमता और प्रचंडता देखी।’’

उन्होंने कहा, ‘‘इसके अलावा, मुझे उनके साथ बातचीत का अवसर मिला। मुझे इन बहादुर सैनिकों पर गर्व है।"

उन्होंने सैन्य कर्मियों के साथ अपनी बातचीत की तस्वीरें भी पोस्ट कीं।

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