देश की खबरें | कोई मराठा नेता मेरे साथ नहीं, आरक्षण की लड़ाई अकेले लड़ रहा हूं : जरांगे
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. मराठा आरक्षण आंदोलन के नेता मनोज जरांगे ने मंगलवार को दावा किया कि अलग-अलग दलों से होने के बावजूद अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के नेता आरक्षण के मुद्दे पर एकजुट रहे हैं जबकि दूसरी ओर उनके अपने समुदाय के नेता इस लड़ाई में उनके साथ नहीं हैं और वह अकेले यह लड़ाई लड़ रहे हैं।
छत्रपति संभाजीनगर, 25 जून मराठा आरक्षण आंदोलन के नेता मनोज जरांगे ने मंगलवार को दावा किया कि अलग-अलग दलों से होने के बावजूद अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के नेता आरक्षण के मुद्दे पर एकजुट रहे हैं जबकि दूसरी ओर उनके अपने समुदाय के नेता इस लड़ाई में उनके साथ नहीं हैं और वह अकेले यह लड़ाई लड़ रहे हैं।
निजी अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद मंगलवार को संवाददाताओं से बातचीत के दौरान जरांगे ने यह बात कही। कुछ दिन पहले उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
जरांगे ने मराठा आरक्षण आंदोलन के नवीनतम चरण की शुरुआत आठ जून को की थी और छह दिन बाद इसे स्थगित कर दिया था। वह मसौदा अधिसूचना को लागू करने की मांग कर रहे हैं जिसमें कुनबी को मराठा समुदाय के सदस्यों के ‘सगेसोयरे’ (रक्त संबंधी) के तौर पर मान्यता दी गई है।
कुनबी कृषक समुदाय है और ओबीसी के अंतर्गत आता है। जरांगे की मांग है कि कुनबी का प्रमाणपत्र मराठा समुदाय के सभी सदस्यों को जारी किया जाए ताकि उन्हें भी आरक्षण का लाभ प्राप्त करने की अर्हता मिल सके।
हालांकि, ओबीसी कार्यकर्ता लक्ष्मण हाके और उनके समर्थक मराठा समुदाय को कुनबी प्रमाण पत्र जारी करने की जरांगे की मांग का विरोध कर रहे हैं। हाके ने जोर देकर कहा है कि राज्य सरकार कोई ऐसा फैसला नहीं करे जिससे ओबीसी प्रभावित हों। उन्होंने इस मुद्दे पर अनशन किया था लेकिन बाद में इसे वापस ले लिया था।
जरांगे ने कहा, ‘‘कल मैंने कहा था कि मैं अकेला हूं। इसका अभिप्राय है कि अलग-अलग दलों के होने के बावजूद ओबीसी नेता एकजुट हैं लेकिन मेरे समुदाय के नेता मेरे साथ नहीं हैं। उनमें से कई ने कदम पीछे खींच लिए हैं लेकिन मैं अपनी लड़ाई जारी रखूंगा।’’
उन्होंने सरकार से भी अपील की कि वह मराठा समुदाय की मांगों को पूरा करे।
जरांगे ने कहा, ‘‘सरकार को हमारी परि के तहत ‘सगेसोयरे’ की मांग स्वीकार करनी चाहिए और केवल यह अधिसचूना जारी करनी चाहिए कि मराठा और कुनबी एक हैं। अगर सरकार हैदराबाद, सतारा और बंबई प्रेसीडेंसी के गजट पर भी संज्ञान ले ले तो मराठा समुदाय को आरक्षण मिल जाएगा।’’
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(The above story first appeared on LatestLY on Jun 25, 2024 04:38 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

