नयी दिल्ली, 27 जुलाई उपहार सिनेमा हॉल की सील हटाने का अनुरोध करने वाली याचिका पर सुनवाई कर रही दिल्ली की एक अदालत को बताया गया है कि ग्रीन पार्क एक्सटेंशन में स्थित इस सिनेमा हॉल पर कोई बकाया, दावा या कर्ज नहीं है।
उपहार सिनेमा हॉल में 1997 में लगी भीषण आग में 59 लोगों की मौत हो गयी थी।
‘अंसल थिएटर्स एंड क्लब होटल्स प्राइवेट लिमिटेड’ ने सिनेमा हॉल की सील हटाने का अनुरोध करने वाली अर्जी के समर्थन में एक हलफनामा दाखिल किया। इस कंपनी के पूर्व निदेशकों सुशील अंसल और गोपाल अंसल को इस अग्निकांड में दोषी ठहराया गया है।
यह हलफनामा ‘एसोसिएशन ऑफ विक्टिम्स ऑफ उपहार ट्रेजेडी’ (एवीयूटी) की अध्यक्ष नीलम कृष्णमूर्ति के सिनेमाघर पर कर्ज के संबंध में जतायी आपत्ति के जवाब में दाखिल किया गया है।
कंपनी के अधिकृत प्रतिनिधि विनोद कुमार सैगल ने प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश संजय गर्ग के समक्ष दाखिल हलफनामे में कहा, ‘‘मेरा कहना है कि ग्रीन पार्क एक्सटेंशन, नयी दिल्ली में स्थित उपहार सिनेमा परिसर पर कोई बकाया, दावा या कर्ज नहीं है और न ही कुछ गिरवी रखा गया है।’’
अदालत इस अर्जी पर दो अगस्त को फैसला सुना सकती है।
अदालत ने सात जुलाई को हुई सुनवाई के दौरान केन्द्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) के वकील की दलील पर गौर किया था, जिन्होंने कहा था कि ‘‘उन्हें आवेदक को सिनेमाघर वापस लौटाने में कोई आपत्ति नहीं है।’’
उच्चतम न्यायालय ने 27 अप्रैल को ‘अंसल थिएटर्स एंड क्लब होटल्स प्राइवेट लिमिटेड’ को उपहार सिनेमाघर की सील हटाने के लिए निचली अदालत जाने की अनुमति दी थी।
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