देश की खबरें | दिल्ली में सामुदायिक संक्रमण नहीं, जुलाई अंत तक हो सकते हैं 5.5 लाख मामले : सिसोदिया
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नयी दिल्ली, नौ जून दिल्ली के उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने मंगलवार को कहा कि शहर में जुलाई के अंत तक कोविड-19 के 5.5 लाख मामले हो सकते हैं, लेकिन केंद्र सरकार का कहना है कि दिल्ली में सामुदायिक स्तर पर संक्रमण नहीं है।

दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (डीडीएमए) के साथ एक बैठक के बाद उन्होंने संवाददाताओं से कहा कि दिल्ली में जुलाई अंत तक 80,000 बेड की जरूरत पड़ेगी।

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बैठक की अध्यक्षता उप राज्यपाल अनिल बैजल ने की। वह दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अध्यक्ष भी हैं।

सिसोदिया ने कहा कि कोरोना वायरस के संक्रमण की पुरानी दर को ध्यान में रखा जाए तो दिल्ली में 12.6 दिन में मामले दुगुने हो रहे हैं। बैठक में लगभग सभी भागीदार इस पर सहमत हुए ।

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अधिकारियों के मुताबिक राष्ट्रीय राजधानी में सोमवार तक ठीक होने की दर 37.92 प्रतिशत थी।

सिसोदिया ने मीडिया से कहा, ‘‘केंद्र के अधिकारियों ने बैठक में बताया कि दिल्ली में कोविड-19 का सामुदायिक प्रसार नहीं है। इसलिए इस पर चर्चा करने की कोई जरूरत नहीं है।’’

उप मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली के सरकारी और निजी अस्पतालों को दिल्ली के लोगों के लिए सुरक्षित करने के दिल्ली सरकार के फैसले को रद्द करने के अपने निर्णय पर विचार करने से उप राज्यपाल ने इनकार कर दिया है।

उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय राजधानी में 15 जून तक संक्रमण के 44,000 मामले हो सकते हैं तथा अस्पतालों में 6,600 बेड की जरूरत पड़ेगी।

सिसोदिया ने कहा, ‘‘ 30 जून तक दिल्ली में संक्रमण के एक लाख तक मामले होंगे और हमें 15,000 बेड की जरूरत पड़ेगी।’’

उन्होंने कहा, ‘‘ ऐसा अनुमान है कि दिल्ली में 15 जुलाई तक 2.15 लाख मामले होंगे और 33,000 बेड की जरूरत पड़ेगी। वहीं, 31 जुलाई तक 5.5 लाख मामले होंगे और दिल्ली को 80,000 बेड की जरूरत पड़ेगी।’’

उन्होंने कहा कि संक्रमण के मामले दुगुने होने के आधार पर 31 जुलाई तक 5.5 लाख मामले होने की आशंका है।

उन्होंने कहा कि दिल्ली में रहने वाले लोगों को कोविड-19 महामारी की वजह से बेड की जरूरत पड़ेगी और इसको देखते हुए ही दिल्ली मंत्रिमंडल ने दिल्ली के सरकारी और निजी अस्पतालों के बिस्तर आरक्षित करने का निर्णय लिया था।

सिसोदिया ने कहा, ‘‘अगर देशभर से लोग उपचार के लिए दिल्ली आने लगे तो...उपराज्यपाल को कोविड-19 के मामलों और दिल्ली में उपलब्ध बेड के बारे में पता नहीं है।’’

सिसोदिया ने कहा कि दिल्ली में आने वाले दिनों में कोरोना वायरस के मामले बढ़ते ही रहे तो बेड की उपलब्धता कैसे होगी, इस संबंध में बैठक में किसी भी व्यक्ति के पास कोई जवाब नहीं था।

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