नयी दिल्ली, आठ अक्टूबर राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने बृहस्पतिवार को उस याचिका को खारिज कर दिया जिसमें केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय और राज्य सरकारों को अल्प समय के लिए इस्तेमाल होने वाली पीवीसी प्लास्टिक और क्लोरिनेटेड प्लास्टिक पर रोक लगाने के निर्देश को वापस लेने का अनुरोध किया गया था।
एनजीटी अध्यक्ष न्यायमूर्ति एके गोयल की पीठ ने कहा कि ‘फैब्रिक उत्पादन संघ’ ने 12 दिसंबर 2016 को अंतिम फैसला देने के चार साल बाद आवेदन दिया है।
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अधिकरण ने आवेदक के उस तर्क को मानने से इनकार कर दिया कि वह आवश्यक पक्ष है और सुनवाई के दौरान उसका प्रतिनिधित्व नहीं है और इसलिए कोई और चारा नहीं है।
पीठ ने कहा, ‘‘बिना कारण हुई देरी के अलावा हम इस आवेदन में कुछ विशेष नहीं पाते। वैधानिक प्राधिकारियों द्वारा सुझाव देने के लिए वर्तमान आवेदक को सम्मिलित करने की आवश्यकता नहीं थी।’’
अधिकरण ने कहा, ‘‘यह सुझाव किसी व्यक्ति के खिलाफ नहीं था और प्राधिकारी स्वतंत्र रूप से भी ऐसे फैसले ले सकते हैं। प्राधिकारियों के फैसले को चुनौती नहीं है और इस आवेदन पर न ही इस तरह की चुनौती पर एनजीटी विचार करेगा।’’
गौरतलब है कि अल्मित्र एच पटेल की याचिका पर एनजीटी ने केंद्रीय पर्यावरण एवं वन मंत्रालय को पॉलिविनायल क्लोराइड और अन्य तरह की प्लास्टिक को नियंत्रित करने का निर्देश दिया था।
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