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LIVE: 7 अप्रैल की बड़ी खबरें और अपडेट्स

भारत और दुनिया की बड़ी खबरें एक साथ, एक ही जगह पढ़ने के लिए आप सही पेज पर हैं.

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प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credit: Image File)

भारत और दुनिया की बड़ी खबरें एक साथ, एक ही जगह पढ़ने के लिए आप सही पेज पर हैं. इस लाइव ब्लॉग को हम लगातार अपडेट कर रहे हैं, ताकि ताजा खबरें आप तक पहुंचा सकें.ईरान ने खारिज किया युद्धविराम प्रस्ताव, रखी दस सूत्रीय मांग

अपना परमाणु ईंधन बनाने के करीब पहुंचा भारत

अमरावती बनी आंध्र प्रदेश की राजधानी, गजट नोटिफिकेशन जारी

आर्टेमिस 2 ने तोड़ा अपोलो-13 का 56 साल पुराना रिकॉर्ड

सऊदी अरब-बहरीन को जोड़ने वाला 'किंग फहद कॉजवे' एहतियातन बंद

जम्मू-कश्मीर में 697 में से 315 झीलें गायब हुईं, 200 का जलक्षेत्र घटा

जम्मू-कश्मीर में साल 1967 में 697 झीलें हुआ करती थीं. मार्च 2022 आते-आते इनमें से 315 झीलें गायब हो गईं और करीब 200 झीलों का जलक्षेत्र घट गया. सबसे ज्यादा नुकसान जम्मू क्षेत्र में हुआ, जहां की 259 झीलें गायब हुईं. जम्मू-कश्मीर की झीलों की स्थिति के बारे में नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) ने हाल ही में एक रिपोर्ट जारी की है, जिसमें यह सारी जानकारियां दी गई हैं.

इस रिपोर्ट के मुताबिक, गायब हुई 315 झीलों का कुल जलक्षेत्र करीब 1,500 हेक्टेयर था. वहीं, 203 झीलों के जलक्षेत्र में करीब 1,300 हेक्टेयर की कमी दर्ज की गई. इस दौरान 150 झीलों के जलक्षेत्र में कुल 538 हेक्टेयर की बढ़ोतरी भी दर्ज की गई. वहीं, 29 झीलें ऐसी रहीं जिनके जलक्षेत्र में कोई बदलाव नहीं हुआ.

रिपोर्ट के मुताबिक, व्यापक अतिक्रमण, शहरी विस्तार, जंगलों की कटाई, जलवायु परिवर्तन और भूमि उपयोग में बदलाव होने जैसी वजहों के चलते झीलें गायब हुईं और उनका जलक्षेत्र घटा. इस वजह से जल, भोजन और जैव विविधता में कमी आई और पारिस्थितिकी तंत्र को नुकसान पहुंचा.

सऊदी अरब-बहरीन को जोड़ने वाला 'किंग फहद कॉजवे' एहतियातन बंद

सऊदी अरब और बहरीन के बीच यातायात के मुख्य मार्ग, किंग फहद कॉजवे को मंगलवार सुबह अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया है. संबंधित अधिकारियों ने क्षेत्र में जारी सुरक्षा अलर्ट के बाद यह एहतियाती कदम उठाया है. 'जनरल अथॉरिटी फॉर किंग फहद कॉजवे' ने ऑनलाइन पोस्ट के जरिए जानकारी दी कि वाहनों की आवाजाही को अगली सूचना तक निलंबित कर दिया गया है ताकि किसी भी संभावित खतरे से बचा जा सके.

25 किलोमीटर लंबा यह पुलों का सिलसिला सामरिक और आर्थिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह सऊदी अरब को सीधे बहरीन से जोड़ता है. यह बंदी ऐसे समय में हुई है जब मध्य पूर्व में युद्ध का तनाव चरम पर है और सऊदी अरब ने सोमवार रात ही अपनी ऊर्जा सुविधाओं के पास सात बैलिस्टिक मिसाइलों को मार गिराने की पुष्टि की है. सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि मिसाइल हमलों के बढ़ते खतरे और डॉनल्ड ट्रंप द्वारा ईरान को दी गई मंगलवार की डेडलाइन को देखते हुए सीमावर्ती बुनियादी ढांचे की सुरक्षा बढ़ा दी गई है.

वर्तमान में पुल के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गई हैं और अधिकारी स्थिति की बारीकी से निगरानी कर रहे हैं. हालांकि अभी तक किसी विशिष्ट हमले या नुकसान की खबर नहीं है, लेकिन इस महत्वपूर्ण पुल के बंद होने से दोनों देशों के बीच व्यापार और सामान्य आवाजाही पूरी तरह ठप हो गई है. यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे स्थिति सामान्य होने तक इस मार्ग पर जाने से बचें.

आर्टेमिस 2 ने तोड़ा अपोलो-13 का 56 साल पुराना रिकॉर्ड

नासा के आर्टेमिस-2 मिशन के अंतरिक्ष यात्रियों ने सोमवार को इतिहास रचते हुए पृथ्वी से सबसे दूर जाने का मानव रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया है. ओरियन कैप्सूल ने 252,752 मील (लगभग 4,06,765 किलोमीटर) की दूरी तय की, जो अप्रैल 1970 में अपोलो-13 मिशन द्वारा बनाए गए 248,655 मील के पिछले रिकॉर्ड से कहीं अधिक है. यह उपलब्धि चंद्रमा के चारों ओर 'लूनर फ्लाईबाई' और अवलोकन शुरू करने से ठीक एक घंटे पहले हासिल की गई.

इससे पहले सोमवार को ही ओरियन कैप्सूल चंद्रमा के गुरुत्वाकर्षण प्रभाव क्षेत्र में प्रवेश कर गया था, जहां पृथ्वी की तुलना में चंद्रमा का खिंचाव यान पर अधिक प्रभावी हो गया. अपने सफर के दौरान यह यान चंद्रमा के सुदूर हिस्से से मात्र 7,500 किलोमीटर की दूरी से गुजरा. इस मिशन का मार्ग अंतरिक्ष में '8' के अंक जैसा है, जो यान को सुरक्षित रूप से पृथ्वी और चंद्रमा के चक्कर लगवाकर वापस लाएगा.

पुलिस की पिटाई से पिता-बेटे की मौत, 9 पुलिसकर्मियों को मिली मौत की सजा

तमिलनाडु के मदुरै शहर की एक अदालत ने दो लोगों की मौत के लिए नौ पुलिसकर्मियों को दोषी ठहराया है और उन्हें मौत की सजा सुनाई है. अदालत ने कहा कि यह एक दुर्लभ मामला है, जहां पुलिस जिसकी कानून-व्यवस्था बरकरार रखने की जिम्मेदारी होती है, उसी ने कानून के खिलाफ काम किया और दो लोगों की बेरहमी से पिटाई की, जिनके खिलाफ कोई आपराधिक मामला भी नहीं था.

यह मामला जून, 2020 का है, जब संथनकुलम कस्बे में पुलिस हिरासत में हुई पिटाई के चलते पिता जयराज और उनके बेटे बेनिक्स की मौत हो गई थी. उस समय कोविड से जुड़े नियम लागू थे और कथित तौर पर मृतकों की दुकान रात 9 बजे के बाद भी खुली हुई थी, जिसके चलते पुलिस उन्हें थाने ले आई. कानूनी खबरों की वेबसाइट लाइव लॉ के मुताबिक, थाने में पुलिसकर्मियों ने उनकी पिटाई की, जिसके बाद पहले बेनिक्स और फिर जयराज की मौत हो गई.

इस मामले में अदालत ने नौ पुलिसकर्मियों को धारा 342, 195, 211, 218 और 302 के तहत दोषी पाया है. कोर्ट ने यह भी आदेश दिया है कि दोषी पुलिसकर्मियों की ओर से मृतकों के परिजनों को 1.40 करोड़ रुपये का मुआवजा दिया जाए. इस मामले की जांच बाद में सीबीआई को सौंप दी गई थी और एजेंसी ने अदालत से दोषियों के लिए अधिकतम सजा की मांग की थी.

अमरावती बनी आंध्र प्रदेश की राजधानी, गजट नोटिफिकेशन जारी

अमरावती को आधिकारिक तौर पर आंध्र प्रदेश की नई राजधानी घोषित कर दिया गया है. आंध्र प्रदेश पुनर्गठन (संशोधन) अधिनियम, 2026 को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु की मंजूरी मिलने के बाद, इसका गजट नोटिफिकेशन जारी कर दिया गया है. गजट के अनुसार, यह अधिनियम 2 जून, 2024 से लागू माना जाएगा.

न्यूज एजेंसी एएनआई के मुताबिक, साल 2014 में आंध्र प्रदेश से अलग होकर तेलंगाना राज्य बना था. तब तय किया गया था कि अगले 10 सालों तक हैदराबाद दोनों राज्यों की राजधानी रहेगा, उसके बाद हैदराबाद सिर्फ तेलंगाना की राजधानी होगा और इस दौरान आंध्र प्रदेश को अपने लिए नई राजधानी तय करनी होगी.

28 मार्च को आंध्र प्रदेश विधानसभा ने अमरावती को एकमात्र राजधानी के रूप में समर्थन देने वाला प्रस्ताव पारित किया. इसके बाद 1 अप्रैल को लोकसभा में इससे जुड़ा बिल पास हुआ. 2 अप्रैल को राज्यसभा ने इसे रजामंदी दे दी. हालांकि, इस दौरान आंध्र प्रदेश की विपक्षी पार्टी वाईएसआर कांग्रेस के सांसदों ने वॉकआउट किया.

ऑल इंडिया रेडियो की खबर के मुताबिक, वाईएसआर कांग्रेस के सांसद वेंकट सुब्बा रेड्डी ने बिल का विरोध करते हुए कहा था कि यह उन हजारों किसानों की समस्याओं को संबोधित नहीं करता है, जिन्होंने नई राजधानी के लिए अपनी जमीन दी थी लेकिन उन्हें अब तक मुआवजा नहीं मिला है.

अपना परमाणु ईंधन बनाने के करीब पहुंचा भारत

तमिलनाडु के कलपक्कम में स्वदेशी डिजाइन वाले रिएक्टर ने नियंत्रित न्यूक्लियर रिएक्शन शुरू कर दिए हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक्स पर बताया कि प्रोटोटाइप फास्ट ब्रीडर रिएक्टर (पीएफबीआर) ने क्रिटिकलिटी प्राप्त कर ली है. यह वह अवस्था है, जब स्व-संचालित न्यूक्लियर चेन रिएक्शन शुरू होते हैं. इसके अगले चरण में बिजली पैदा होने लगती है.

पीएम मोदी ने लिखा, “यह उन्नत रिएक्टर, जितना ईंधन उपयोग करता है उससे अधिक ईंधन उत्पन्न करने में सक्षम है” और “हमारी वैज्ञानिक क्षमता की गहराई और हमारी इंजीनियरिंग की ताकत को दर्शाता है.” उन्होंने लिखा कि यह भारत के विशाल थोरियम भंडार के उपयोग की दिशा में एक निर्णायक कदम है.

प्रेस इन्फॉर्मेशन ब्यूरो की प्रेस रिलीज के मुताबिक, इस रिएक्टर को थोरियम का इस्तेमाल करने के लिहाज से डिजाइन किया गया है. ट्रांसम्यूटेशन प्रक्रिया के जरिए, थोरियम-232 को यूरेनियम-233 में बदला जाएगा, जो भारत के परमाणु ऊर्जा कार्यक्रम के तीसरे चरण को ईंधन प्रदान करेगा. न्यूज एजेंसी एएफपी के मुताबिक, इस कदम से भारत अपना खुद का परमाणु ईंधन बनाने के करीब पहुंच गया है.

ईरान ने खारिज किया युद्धविराम प्रस्ताव, युद्ध के पूर्ण अंत की मांग की

ईरान ने क्षेत्रीय मध्यस्थतों द्वारा पेश किए गए हालिया युद्धविराम प्रस्ताव को औपचारिक रूप से ठुकरा दिया है. ईरानी सरकारी मीडिया और समाचार एजेंसी 'आईआरएनए' के अनुसार, तेहरान ने अपना जवाब मध्यस्थत देश पाकिस्तान को सौंप दिया है. काहिरा में ईरानी राजनयिक मिशन के प्रमुख मोजतबा फिरदौसी पौर ने स्पष्ट किया कि ईरान केवल अस्थायी युद्धविराम स्वीकार नहीं करेगा, बल्कि वह युद्ध का पूर्ण अंत और इस बात की पक्की गारंटी चाहता है कि उस पर भविष्य में दोबारा हमला नहीं किया जाएगा.

ईरान ने केवल इनकार ही नहीं किया, बल्कि इसके बदले अपनी दस-सूत्रीय मांगों की एक सूची पेश की है. इन मांगों में पूरे क्षेत्र में संघर्षों को समाप्त करना, होर्मुज जलडमरूमध्य के माध्यम से सुरक्षित आवाजाही के लिए एक नया प्रोटोकॉल तैयार करना, ईरान पर लगे आर्थिक प्रतिबंधों को हटाना और युद्ध से हुई तबाही के लिए पुनर्निर्माण सहायता शामिल है.

यह घटनाक्रम ऐसे समय में आया है जब राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने मंगलवार की समय सीमा तय कर रखी है, जिसमें उन्होंने होर्मुज जलमार्ग को न खोलने पर ईरान के बिजली संयंत्रों और पुलों को नष्ट करने की धमकी दी है. ईरान की इन दस शर्तों ने कूटनीतिक समाधान की उम्मीदों को और जटिल बना दिया है.

(The above story first appeared on LatestLY on Apr 07, 2026 07:20 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).