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प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credit: Image File)

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जयराम रमेश बोले, युद्धविराम में पाकिस्तान की भूमिका पीएम मोदी के लिए झटका

जर्मन चांसलर मैर्त्स ने किया युद्धविराम का स्वागत, स्थायी समाधान की अपील

मणिपुर: बम धमाके में दो बच्चों की मौत, एनआईए को सौंपी गई जांच

ईरान-अमेरिका के बीच पाकिस्तान कैसे करवा पाया युद्धविराम

टीएमसी को चुनाव आयोग के “दो टूक” संदेश पर उठे सवाल

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले टीएमसी यानी तृणमूल कांग्रेस और चुनाव आयोग के बीच तनातनी एक नए स्तर पर पहुंच गई है. टीएमसी सांसद डेरेक ओ’ब्रायन ने मीडिया से बातचीत में कहा कि पार्टी के कुछ सांसद मुख्य चुनाव आयुक्त से मुलाकात करने के लिए गए थे लेकिन मुलाकात के सात मिनट के भीतर ही उन्हें बाहर निकल जाने के लिए कह दिया गया, जिसके बाद वे लोग बाहर आ गए.

टीएमसी ने चुनाव आयोग पर सोशल मीडिया पर मनगढ़ंत जानकारी फैलाने का भी आरोप लगाया है. दरअसल, चुनाव आयोग ने अपने एक्स अकाउंट पर टीएमसी के नाम एक “दो टूक” संदेश जारी किया है. इसमें लिखा है, “पश्चिम बंगाल में इस बार चुनाव: भय रहित, हिंसा रहित, धमकी रहित, प्रलोभन रहित, छापा रहित और बूथ एवं सोर्स जामिंग रहित होकर ही रहेंगे.”

टीएमसी ने इस संदेश पर कड़ी नाराजगी जाहिर की है. टीएमसी ने चुनाव आयोग की पोस्ट को टैग करते हुए पूछा, “क्या एक निष्पक्ष संवैधानिक निकाय से ऐसा व्यवहार करने की उम्मीद की जाती है.” टीएमसी ने अपने एक्स अकाउंट पर एक जवाबी संदेश भी जारी किया. इसमें लिखा था, “इस बार चुनाव होने चाहिए: दिल्ली के नियंत्रण से मुक्त, राजनीतिक पूर्वाग्रह से मुक्त, सिलेक्टिव टार्गेटिंग से मुक्त और दोहरे मापदंडों से मुक्त.”

आम आदमी पार्टी के प्रमुख अरविंद केजरीवाल ने भी इस मामले में चुनाव आयोग की आलोचना की है. उन्होंने लिखा, “अब ये कहने की भी जरूरत नहीं कि चुनाव आयोग सीधे बीजेपी से निर्देश लेकर और बीजेपी के अंडर में काम कर रहा है. ये अब जग जाहिर है और बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है. कम से कम ऐसी भाषा के ट्वीट करके इतने अहम संस्थान की इज्जत तो सरेआम मत उछालिये.”

उत्तर कोरिया ने पूर्वी तट से दागीं कई बैलिस्टिक मिसाइलें

दक्षिण कोरियाई सेना के अनुसार, उत्तर कोरिया ने बुधवार सुबह अपने पूर्वी तटीय क्षेत्र से समुद्र की ओर कई बैलिस्टिक मिसाइलें दागी हैं. यह कार्रवाई मंगलवार को किए गए एक अज्ञात प्रोजेक्टाइल के संदिग्ध परीक्षण के ठीक एक दिन बाद हुई है. दक्षिण कोरिया के 'जॉइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ' ने पुष्टि की है कि वे इन प्रक्षेपणों पर पैनी नजर रख रहे हैं और तकनीकी जानकारी के लिए अमेरिकी खुफिया एजेंसियों के साथ बात कर रहे हैं.

मंगलवार को हुए पहले परीक्षण के बारे में दक्षिण कोरियाई मीडिया ने बताया कि रडार पर दिखने के कुछ ही देर बाद वह प्रोजेक्टाइल अचानक गायब हो गया था. शुरुआती उड़ान के दौरान उसमें कुछ असामान्य तकनीकी बदलाव देखे गए थे, जिससे सैन्य विश्लेषक इसे एक विफल प्रयास के रूप में भी देख रहे हैं.

उत्तर कोरिया के विदेश मंत्रालय के प्रथम उप मंत्री जांग कुम चोल ने स्पष्ट कर दिया है कि उनका दक्षिण कोरिया के साथ बातचीत शुरू करने का कोई इरादा नहीं है. उन्होंने सियोल को उत्तर कोरिया का "सबसे कट्टर दुश्मन राज्य" करार दिया है.

इराकी मिलिशिया के कब्जे से मुक्त हुईं अमेरिकी पत्रकार

पिछले हफ्ते बगदाद की एक सड़क से अगवा की गईं अमेरिकी फ्रीलांस पत्रकार शेली किट्टलसन को मंगलवार को रिहा कर दिया गया है. एक इराकी अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि किट्टलसन को दोपहर में सुरक्षित मुक्त कर दिया गया. हालांकि, उनकी वर्तमान स्थिति और स्थान की सटीक जानकारी साझा नहीं की गई है, लेकिन रिहाई से पहले उन्हें बगदाद में ही रखा गया था.

ईरान समर्थित शक्तिशाली इराकी मिलिशिया कतैब हिजबुल्लाह ने मंगलवार को ही एक बयान जारी कर किट्टलसन को मुक्त करने के अपने फैसले की घोषणा की थी. किट्टलसन का अपहरण 31 मार्च को हुआ था. समूह ने कहा कि यह निर्णय निवर्तमान प्रधानमंत्री मोहम्मद शिया अल-सुदानी के देशभक्तिपूर्ण रुख की सराहना में लिया गया है, हालांकि इस बारे में अधिक विस्तार से जानकारी नहीं दी गई है.

49 वर्षीय शेली किट्टलसन एक अनुभवी फ्रीलांसर हैं, जिन्होंने वर्षों तक रोम को अपना आधार बनाकर मध्य पूर्व, विशेष रूप से इराक और सीरिया में एक सम्मानित पत्रकार के रूप में अपनी पहचान बनाई है. कई फ्रीलांसरों की तरह, उन्होंने अक्सर सीमित बजट और बड़े समाचार संगठनों द्वारा प्रदान की जाने वाली सुरक्षा के बिना जोखिम भरे क्षेत्रों में काम किया है.

ईरान-अमेरिका के बीच पाकिस्तान कैसे करवा पाया युद्धविराम

ईरान और अमेरिका के बीच दो हफ्तों का युद्धविराम करवाने में पाकिस्तान ने अहम भूमिका निभाई है. अब दोनों पक्षों के बीच आगे की बातचीत भी पाकिस्तान की मध्यस्थता में इस्लामाबाद में होगी. दक्षिण एशियाई मामलों के विशेषज्ञ माइकल कुगलमैन ने इसे पाकिस्तान की बड़ी कूटनीतिक जीत करार दिया है. उन्होंने एक्स पर लिखा, "पाकिस्तान ने उन संशयवादियों और विरोधियों को भी गलत साबित कर दिया, जिन्हें नहीं लगता था कि उसमें इतने जटिल और जोखिम भरे कारनामे को अंजाम देने की क्षमता है."

पाकिस्तान, ईरान और अमेरिका के बीच युद्धविराम इसलिए भी करवा पाया क्योंकि उसके दोनों ही देशों के साथ अच्छे संबंध हैं. पाकिस्तान ईरान के साथ 900 किलोमीटर लंबी सीमा साझा करता है और दोनों देशों के बीच गहरे ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और धार्मिक जुड़ाव भी हैं. 1947 में आजादी मिलने के बाद पाकिस्तान को मान्यता देने वाला ईरान पहला देश था और 1979 की क्रांति के बाद पाकिस्तान ने भी सबसे पहले इस्लामिक रिपब्लिक को मान्यता दी थी.

दूसरी तरफ पाकिस्तान के अमेरिका के साथ भी अच्छे संबंध रहे हैं. पाकिस्तान के सेना प्रमुख आसिम मुनीर ने अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप के साथ व्यक्तिगत संबंध स्थापित किए हैं. आसिम मुनीर ने पिछले साल भारत और पाकिस्तान के बीच हुए युद्ध को रुकवाने का श्रेय भी ट्रंप को दिया था और इसके लिए उन्हें नोबेल शांति पुरस्कार देने की भी वकालत की थी.

ईरान और अमेरिका के बीच युद्ध का रुकना, पाकिस्तान के लिए आर्थिक रूप से भी फायदेमंद है. पाकिस्तान अपनी तेल और गैस की आपूर्ति के लिए होर्मुज पर निर्भर है. इसके बंद होने के चलते देश में पेट्रोल-डीजल की किल्लत होने लगी थी. इसके अलावा, पड़ोसी होने के नाते पाकिस्तान नहीं चाहता था कि यह युद्ध उसके दरवाजे तक आए. इस युद्ध के स्थायी अंत से न केवल क्षेत्र में स्थिरता आएगी, बल्कि पाकिस्तान की अंतरराष्ट्रीय प्रतिष्ठा भी बढ़ेगी.

मणिपुर: बम धमाके में दो बच्चों की मौत, एनआईए को सौंपी गई जांच

मणिपुर राज्य के बिष्णुपुर जिले में मंगलवार, 7 अप्रैल को एक बम धमाका हुआ, जिसकी चपेट में आने से दो बच्चों की मौत हो गई. न्यूज एजेंसी रॉयटर्स ने अधिकारियों के हवाले से बताया है कि ये दोनों बच्चे मैतेई समुदाय से ताल्लुक रखते थे. मैतेई समुदाय के लोगों ने कुकी उग्रवादियों पर इस हमले का आरोप लगाया है, जबकि कुकी समूहों ने इस आरोप से इनकार किया है. राज्य के मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह ने इस बम धमाके की जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) को सौंपने की घोषणा की है.

मणिपुर पुलिस ने बताया है कि मंगलवार को बिष्णुपुर जिले में ही करीब 400 लोगों की हिंसक भीड़ ने सुरक्षाबलों की पोस्ट पर हमला कर दिया, भीड़ ने बैरकों में तोड़फोड़ की और वाहन जला दिए, जिसके बाद सुरक्षाबलों ने फायरिंग की, जिसकी वजह से दो लोगों की मौत हो गई और करीब 20 लोग घायल हो गए. फिलहाल, राज्य सरकार ने राजधानी इंफाल और आसपास के इलाकों में कर्फ्यू लगा दिया है और इंटरनेट सेवाएं पांच दिनों के लिए बंद कर दी हैं.

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होर्मुज स्ट्रेट: डॉनल्ड ट्रंप ने की जहाजों की आवाजाही बढ़ाने की घोषणा

अमेरिका और ईरान के बीच दो सप्ताह के युद्धविराम समझौते के कुछ ही घंटों बाद, राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने घोषणा की है कि अमेरिका होर्मुज जलडमरूमध्य में समुद्री यातायात को फिर से बहाल करने और बढ़ाने में सक्रिय रूप से मदद करेगा. ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर लिखा कि अमेरिकी सेना सभी प्रकार की रसद और आपूर्ति के साथ वहां मौजूद रहेगी ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि सब कुछ योजना के अनुसार ठीक से चले.

राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने इस नए घटनाक्रम को लेकर काफी उत्साह दिखाया है. उन्होंने कहा, "वहां अब बहुत सारी सकारात्मक कार्रवाई होगी! बड़ा पैसा कमाया जाएगा और ईरान अपना पुनर्निर्माण कार्य शुरू कर सकता है." उन्होंने इस दौर की तुलना अमेरिका की प्रगति से करते हुए इसे "मध्य पूर्व का स्वर्ण युग" करार दिया.

दूसरी ओर, ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने स्पष्ट किया है कि होर्मुज जलमार्ग से सुरक्षित आवाजाही संभव होगी, लेकिन यह ईरानी सशस्त्र बलों के साथ समन्वय और तकनीकी सीमाओं को ध्यान में रखकर ही की जाएगी.

जर्मन चांसलर मैर्त्स ने किया युद्धविराम का स्वागत, स्थायी समाधान की अपील

जर्मन चांसलर फ्रीडरिष मैर्त्स ने अमेरिका और ईरान के बीच हुए दो सप्ताह के युद्धविराम समझौते का स्वागत किया है. उन्होंने इस कठिन समय में मध्यस्थता के लिए पाकिस्तान का विशेष रूप से आभार व्यक्त किया और कहा कि जर्मन सरकार इन कूटनीतिक प्रयासों का पूरी तरह समर्थन करती है. चांसलर ने अपने बयान में कहा कि अब मुख्य लक्ष्य आने वाले दिनों में बातचीत के जरिए युद्ध का स्थायी अंत सुनिश्चित करना होना चाहिए, जो केवल कूटनीतिक रास्तों से ही संभव है.

युद्धविराम के साथ ही मैर्त्स ने होर्मुज जलडमरूमध्य में समुद्री आवाजाही की स्वतंत्रता को लेकर जर्मनी की प्रतिबद्धता दोहराई है. उन्होंने कहा कि जर्मनी अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उचित कदम उठाएगा और इस संबंध में अमेरिका व अन्य वैश्विक साझेदारों के साथ निरंतर संपर्क में है. जर्मनी के लिए यह जलमार्ग ऊर्जा सुरक्षा के लिहाज से अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि इसकी नाकेबंदी से जर्मन उद्योगों पर भारी दबाव पड़ रहा था.

चीन में शांति वार्ता: अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच सार्थक बातचीत का दावा

अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच जारी संघर्ष को सुलझाने के लिए चीन के उरुमकी शहर में चल रही बातचीत में सार्थक प्रगति हुई है. तालिबान शासित अफगान विदेश मंत्रालय ने मंगलवार को इस प्रगति की पुष्टि की. पिछले गुरुवार से जारी इन वार्ताओं का मुख्य उद्देश्य सीमा पर जारी उन झड़पों को रोकना है, जिनमें अब तक दोनों पक्षों के दर्जनों लोग मारे जा चुके हैं. कार्यवाहक विदेश मंत्री आमिर खान मुत्तकी ने इस वार्ता की मेजबानी के लिए चीन का आभार जताया और सऊदी अरब, तुर्की, कतर व संयुक्त अरब अमीरात द्वारा किए जा रहे मध्यस्थता प्रयासों की भी सराहना की.

यह संघर्ष तब और गहरा गया था जब फरवरी मेंपाकिस्तान द्वारा किए गए हवाई हमलों के जवाब में अफगानिस्तान ने सीमा पार हमले शुरू कर दिए थे. इसके बाद पाकिस्तान ने अपने पड़ोसी देश के साथ खुले युद्ध की घोषणा कर दी थी, जिससे अक्टूबर में कतर की मध्यस्थता से हुआ पिछला युद्धविराम टूट गया था.

दोनों देशों के बीच तनाव का एक बड़ा कारण 17 मार्च की वह घटना भी है, जिसमें अफगानिस्तान ने पाकिस्तान पर काबुल के एक ड्रग रिहैबिलिटेशन सेंटर पर हवाई हमले का आरोप लगाया था, जिसमें अफगान सरकार के मुताबिक, 400 से अधिक लोग मारे गए थे. हालांकि, पाकिस्तान ने इन दावों को खारिज करते हुए कहा था कि उसने केवल सैन्य ठिकानों और आतंकी बुनियादी ढांचे को निशाना बनाया.

फिलहाल, 18 मार्च को रमजान की समाप्ति के साथ दोनों पक्ष लड़ाई रोकने पर सहमत हुए थे. पाकिस्तान का आरोप है कि अफगानिस्तान अपनी धरती पर उन उग्रवादियों को पनाह दे रहा है जो पाकिस्तान में हमले करते हैं, जबकि अफगानिस्तान इसे पाकिस्तान की आंतरिक सुरक्षा समस्या बताता है.

जयराम रमेश बोले, युद्धविराम में पाकिस्तान की भूमिका पीएम मोदी के लिए झटका

कांग्रेस के संचार प्रभारी जयराम रमेश ने ईरान और अमेरिका के बीच हुए दो हफ्तों के युद्धविराम में पाकिस्तान की भूमिका को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए झटका बताया है. उन्होंने अपनी एक्स पोस्ट में लिखा, “जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद को जारी समर्थन के कारण पाकिस्तान को अलग-थलग करने और दुनिया को यह विश्वास दिलाने की नीति कि वह एक विफल राष्ट्र है, स्पष्ट रूप से सफल नहीं हुई है, जैसा कि डॉ. मनमोहन सिंह ने मुंबई आतंकी हमलों के बाद कर दिखाया था.”

उन्होंने आगे लिखा, “एक दिवालिया अर्थव्यवस्था, जो पूरी तरह बाहरी डोनर्स की मदद पर निर्भर है और कई मायनों में एक टूटे हुए देश ने ऐसी भूमिका निभा ली, यह पीएम मोदी की कूटनीतिक रणनीति और नैरेटिव प्रबंधन पर गंभीर सवाल खड़े करता है.” उन्होंने यह भी लिखा कि भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर ने पाकिस्तान को दलाल कहकर खारिज कर दिया था.

अपनी पोस्ट में कांग्रेस सांसद जयराम रमेश ने यह भी लिखा, “यह संघर्ष 28 फरवरी को ईरान के शासन के शीर्ष नेतृत्व की टारगेटेड किलिंग के साथ शुरू हुआ था. यह घटनाएं प्रधानमंत्री मोदी की बहुचर्चित इस्राएल यात्रा पूरी होने के ठीक दो दिन बाद शुरू हुई थीं. इस यात्रा ने भारत की वैश्विक साख और प्रतिष्ठा को कम किया.”

भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, विदेश मंत्री एस जयशंकर और विदेश मंत्रालय के आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंटों पर अभी तक युद्धविराम को लेकर कोई टिप्पणी नहीं की गई है.

आरबीआई का अनुमान, मौजूदा वित्त वर्ष में 6.9 फीसदी की दर से बढ़ेगी जीडीपी

भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली मौद्रिक नीति समीक्षा में रेपो रेट में कोई बदलाव न करते हुए इसे 5.25 फीसदी पर बरकरार रखा है. छह सदस्यीय मौद्रिक नीति समिति ने दो दिनों की चर्चा के बाद सर्वसम्मति से इसे मंजूरी दी. आरबीआई ने भू-राजनीतिक तनाव के चलते वैश्विक अर्थव्यवस्था के सामने मौजूद चुनौतियों को देखते हुए यह फैसला लिया है.

मुंबई स्थित एनारॉक ग्रुप के चेयरमैन अनुज पुरी ने न्यूज एजेंसी रॉयटर्स से कहा कि ब्याज दरों को स्थिर रखने का मतलब है कि मौजूदा और भविष्य में होम लोन लेने वालों के लिए स्थिरता. उन्होंने कहा, “ईएमआई समान रहेंगी, जिससे भविष्य की योजना बनाना आसान हो जाएगा. यह खासकर घर खरीदने वालों के लिए अच्छी खबर है, जो अब अधिक आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ सकते हैं.”

आरबीआई के गर्वनर संजय मल्होत्रा ने यह भी बताया कि मौजूदा वित्त वर्ष के लिए वास्तविक जीडीपी विकास दर 6.9 फीसदी रहने का अनुमान है. आरबीआई का अनुमान है कि वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाई में जीडीपी विकास दर 6.8 फीसदी, दूसरी में 6.7, तीसरी में 7 और चौथी में 7.2 फीसदी रहने की उम्मीद है. वहीं, नई जीडीपी सीरीज के तहत, वित्त वर्ष 2025-26 की विकास दर 7.6 फीसदी रहने का अनुमान लगाया गया है.

ईरान युद्ध टला: डॉनल्ड ट्रंप ने की दो हफ्ते के युद्धविराम की घोषणा

अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने ईरान पर हमले की अपनी समय सीमा खत्म होने से मात्र दो घंटे पहले दो सप्ताह के लिए सैन्य कार्रवाई रोकने की घोषणा की है. यह समझौता पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के साथ हुई बातचीत के बाद संभव हो पाया. डॉनल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि वे अगले 14 दिनों तक ईरान पर किसी भी तरह की बमबारी या हमला नहीं करेंगे, बशर्ते ईरान होर्मुज जलडमरूमध्य को तुरंत और पूरी तरह से सुरक्षित आवाजाही के लिए खोल दे.

यह खबर तब आई है जब राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने चेतावनी दी थी कि उनके द्वारा तय समय सीमा बीतने पर "पूरी सभ्यता" का विनाश हो सकता है. हालांकि, अब तेहरान द्वारा पेश किए गए 10-सूत्रीय प्रस्ताव को अमेरिकी राष्ट्रपति ने बातचीत के लिए एक "व्यावहारिक आधार" माना है. उन्होंने दावा किया कि अतीत के लगभग सभी विवादास्पद मुद्दों पर सहमति बन चुकी है, जिससे आने वाले दिनों में एक स्थायी शांति समझौते की उम्मीद जगी है.

वर्तमान में इस युद्धविराम का मुख्य केंद्र होर्मुज जलमार्ग को फिर से खोलना है, जो वैश्विक तेल आपूर्ति के लिए जीवन रेखा के समान है. हालांकि, अगले दो सप्ताह की बातचीत यह तय करेगी कि यह युद्धविराम एक स्थायी शांति में बदलता है या क्षेत्र में तनाव फिर से गहराएगा.