पटना, 19 जुलाई बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सोमवार को ‘जनता के दरबार में मुख्यमंत्री’ कार्यक्रम के दौरान 106 आवेदकों के मामलों की सुनवाई कर अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए।
पटना स्थित मुख्यमंत्री सचिवालय परिसर में आयोजित ‘जनता के दरबार में मुख्यमंत्री’ कार्यक्रम के दौरान नीतीश ने राज्य के विभिन्न जिलों से पहुंचे 106 लोगों की समस्याओं को सुना और संबंधित विभागों के अधिकारियों को समाधान के लिए समुचित कार्रवाई के निर्देश दिए।
कार्यकम के दौरान सामान्य प्रशासन, ग्रामीण विकास, ग्रामीण कार्य, पंचायती राज, ऊर्जा, पथ निर्माण, लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण, कृषि, गन्ना (उद्योग), सहकारिता, पशु एवं मत्स्य संसाधन, जल संसाधन, उद्योग, लघु जल संसाधन, नगर विकास एवं आवास, खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण, परिवहन, आपदा प्रबंधन, पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन, योजना एवं विकास, पर्यटन, भवन निर्माण, सूचना एवं जन-सम्पर्क एवं वाणिज्यकर विभाग के मामलों पर सुनवाई हुई।
इस दौरान, खगड़िया के परबत्ता से आये सतीश कुमार ने मुख्यमंत्री को बताया कि उन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ नहीं दिया जा रहा है। वे बहुत ही गरीब हैं और झोपड़ी में रहते हैं। उसके आवेदन को खारिज कर दिया गया है। कारण यह बताया गया है कि उनके यहां लैंडलाइन फोन नहीं है।
सतीश की शिकायत सुनने के बाद मुख्यमंत्री ने ग्रामीण विकास विभाग के प्रधान सचिव को कहा कि पूरे मामले को देखिए और इन्हें जल्द लाभ दिलाएं।
मुजफ्फरपुर के मुसहरी प्रखंड से आए प्रमोद कुमार ने कोरोना से हुई मौत पर अभी तक मुआवजा राशि नहीं मिल पाने की शिकायत की, वहीं मुजफ्फरपुर के औराई प्रखंड के सुधीर कुमार ने बाढ़ में हुए फसल की क्षति की मांग की।
मुख्यमंत्री ने संबंधित विभाग के अधिकारी को शिकायतों को दूर करने का निर्देश दिया।
जहानाबाद के मोदनगंज प्रखंड के आलोक कुमार ने अपने गांव के पास सड़क निर्माण को पूरा कराने की मांग की। वहीं, जहानाबाद के रतनीफरीदपुर प्रखंड के अजय कुमार ने गांव में अधूरी पड़े विकास कार्य को शीघ्र पूरा कराने की मांग की।
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