नीतीश ने कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने के लिए किये जा रहे कार्यों की गहन समीक्षा की
पटना के एक अणे मार्ग में आयोजित बैठक के दौरान मुख्य सचिव एवं अन्य वरीय पदाधिकारियों के साथ कोरोना संक्रमण से निपटने के लिये किये जा रहे कार्यों के संबंध में गहन समीक्षा करते हुए नीतीश ने निर्देश दिया कि जहां-जहां संदिग्ध कोरोना मरीजों का सम्पर्क क्षेत्र रहा है, वैसे स्थलों पर गहन जांच की जाए।
पटना, नौ अप्रैल बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने प्रदेश में कोरोना संक्रमण से बचाव के लिये किये जा रहे कार्यों की बृहस्पतिवार को गहन समीक्षा की। इस मौके पर उन्होंने निर्देश दिया कि जिन क्षेत्रों को कोरोना हॉटस्पॉट (अत्याधिक संक्रमण वाला क्षेत्र) क्षेत्र घोषित किया गया है, वहां सघन अभियान चलाकर प्रोटोकॉल के अनुरूप समुचित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
पटना के एक अणे मार्ग में आयोजित बैठक के दौरान मुख्य सचिव एवं अन्य वरीय पदाधिकारियों के साथ कोरोना संक्रमण से निपटने के लिये किये जा रहे कार्यों के संबंध में गहन समीक्षा करते हुए नीतीश ने निर्देश दिया कि जहां-जहां संदिग्ध कोरोना मरीजों का सम्पर्क क्षेत्र रहा है, वैसे स्थलों पर गहन जांच की जाए।
उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि जिन क्षेत्रों को कोरोना हॉटस्पॉट क्षेत्र घोषित किया गया है, वहां सघन अभियान चलाकर प्रोटोकॉल के अनुरूप समुचित कार्रवाई सुनिश्चित की जाय। लॉकडाउन का सख्ती से पालन करने के साथ-साथ लोगों को इस संबंध में जागरूक करने के लिये माइक से भी गहन प्रचार-प्रसार कराएं।
मुख्यमंत्री ने अपील किया है कि वैसे लोग जिन्होंने राज्य के बाहर एवं विदेश की यात्रा की है, वे अपनी यात्रा की जानकारी नहीं छिपाएं, इससे उनको खतरा तो है ही, साथ ही उनके परिवार एवं समाज को भी खतरा है।
उन्होंने गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव आमिर सुबहानी तथा स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव संजय कुमार को निर्देश दिया कि कोरोना के प्रसार को रोकने, कोरोना के संदिग्ध मरीजों तथा कोरोना संक्रमित मरीजों के इलाज के लिए उपलब्ध सभी संसाधनों का उपयोग करें एवं उनके संपर्क में आए लोगों की पहचान कर अधिक से अधिक जांच कराएं।
मुख्यमंत्री ने यह भी निर्देश दिया कि जांच क्षमता को बढ़ाया जाए तथा कुछ अन्य स्थानों पर भी कोरोना जांच केन्द्र शीघ्र खोलने की कार्रवाई की जाए।
उन्होंने निर्देश दिया कि यह भी सुनिश्चित किया जाए कि चिकित्सकों को व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण (पीपीई किट्स), मास्क तथा अन्य उपकरणों की कमी न हो तथा डॉक्टरों की सुरक्षा हर स्तर पर सुनिश्चित की जाए। डॉक्टरों को जरूरी सुविधाएं उपलब्ध करायी जाए ताकि जांच प्रक्रिया में और तेजी आ सके।
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि जो लोग पृथकवास में हैं तथा पृथक केंद्र में रह रहे हैं, उनकी काउंसिलिंग की जाए तथा उन्हें इस बात के लिए प्रेरित किया जाए कि वे पृथकवास में सभी प्रक्रियाओं का पालन करें। इससे वे खुद भी स्वस्थ हो सकेंगे और समाज की भी सुरक्षा होगी। उन्होंने कहा कि पृथक केंद्र पर जरूरी सभी सुविधाओं के साथ-साथ सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करें।
उन्होंने मुख्य सचिव को निर्देश दिया कि वे पृथक केंद्र के लिए पर्याप्त संख्या में होटलों एवं अन्य भवनों की व्यवस्था रखें तथा वहां सभी आवश्यक सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। पृथक केंद्र में चिकित्सकीय सुविधा की बेहतर व्यवस्था रखी जाए।
मुख्यमंत्री ने लोगों से अपील की कि लॉकडाउन का पालन करें। उन्होंने से कहा कि लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है। कोरोना संक्रमण से निपटने के लिये सरकार हरसंभव कदम उठा रही है। लोगों के जरूरी सामानों की पूर्ति बाधित नहीं होगी। लोग घरों में रहें। सामाजिक दूरी का पालन करें। सरकार आपकी हरसंभव मदद के लिये तत्पर है।
मुख्यमंत्री ने बिल ऐंड मेलिंडा गेट्स फाउंडेशन द्वारा संदिग्ध कोरोना मरीजों की जांच के लिये 15 हजार जांच किट उपलब्ध कराये जाने पर संस्था को उनके यहां पर कार्यरत पदाधिकारियों एवं कर्मियों को धन्यवाद दिया।
उल्लेखनीय है कि बिहार में बृहस्पतिवार को कोरोना संक्रमण के सिवान जिला में 10 और बेगूसराय में दो सहित कुल 12 नए मामले सामने आए। इसके साथ ही राज्य में कोरोना वायरस संक्रमितों की संख्या बढ़कर 51 हो गयी है जबकि इससे संक्रमित मुंगेर निवासी एक मरीज की 21 मार्च को मौत हो गयी थी।
सिवान जिला जहां कोरोना वायरस से संक्रमण के सबसे अधिक 20 मामले प्रकाश में आए हैं, जिनमें से 14 मामले रघुनाथपुर प्रखण्ड के पंजवार गांव के एक ही परिवार में आए है।
सिवान के जिलाधिकारी अमित कुमार पाण्डेय ने बताया, ‘‘पंजवार गांव और उसके आसपास के कुल 95 व्यक्तियों को नवोदित विद्यालय स्थित पृथक केंद्र में रखा गया है। पृथकवास में रखे गए लोगों में 48 पुरुष तथा 47 महिला हैं। इनमें से 50 के नमूने जांच के लिये पटना भेजा गया है। आसपास के तीन किलोमीटर के दायरे में आने जाने को प्रतिबंधित कर दिया गया है।’’
उन्होंने कहा कि पंजवार गांव की सभी गलियों को सेनेटाइज किया जा रहा है तथा जिले में लाकडाउन का सख्ती से पालन किया जा रहा है।
गौरतलब है कि पंजवार गांव का एक व्यक्ति ओमान से अपने गांव आया था जो कि जांच में कोरोना संक्रमित पाया गया था।
स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव संजय कुमार ने बताया कि सिवान जिला के पंजवार गांव और बेगूसराय जिला के तेघडा अनुमंडल में मंसूरचक और उसके बगल की एक अन्य पंचायत को पूरी तरह से सील कर दिया गया है।
बिहार में अबतक कोरोना संक्रमित 15 लोग ठीक भी हुए हैं।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने समीक्षा के दौरान मुख्य सचिव दीपक कुमार को यह भी निर्देश दिया कि सभी जिलाधिकारी एवं सभी अनुमण्डल पदाधिकारी राशन कार्ड के अस्वीकृत एवं लंबित आवेदनों की पुनः समीक्षा कर नियमानुसार तेजी से उसका समाधान करें।
मुख्यमंत्री ने निर्देश देते हुये कहा कि फरवरी एवं मार्च माह में असमय ओलावृष्टि- वर्षा के कारण किसानों को हुयी फसल क्षति के लिए कृषि इनपुट सब्सिडी के रूप में स्वीकृत राशि किसानों के खाते में अविलम्ब डीबीटी के माध्यम से अंतरित करें।
उन्होंने निर्देश दिया कि जिम्मेवार क्षेत्रीय अधिकारी यह भी सुनिश्चित करें कि सभी जरूरतमंद व्यक्तियों को आपदा राहत केन्द्रों के जरिये जरूरी लाभ मिल सके।
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया गया कि जरूरतमंद व्यक्तियों की सूचनाओं पर तत्काल कार्रवाई की जाए ताकि उन्हें आवश्यक मदद मिल सके। लोगों की समस्याओं के प्रति पदाधिकारी संवेदनशील रहें तथा उनसे मिलने वाली सूचनाओं को गंभीरता से लें ताकि उन्हें जल्द से जल्द राहत मिल सके।
अनवर
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(The above story first appeared on LatestLY on Apr 09, 2020 10:05 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

