जरुरी जानकारी | नीति आयोग ने अनुबंध क्रियान्वयन के मामले में नीतिगत निश्चितता के लिये कार्यबलों का गठन किया

नयी दिल्ली, 22 मार्च नीति आयोग ने सोमवार को कहा कि उसने अनुबंधों को लागू करने के साथ प्रभावी सुलह व्यवस्था के लिये नीतिगत रूपरेखा को लेकर सुझावों के लिये दो कार्यबल गठित किये।

अनुबंध के मामले में निजी पक्षों के साथ विवाद के तेजी से समाधान के बारे में उपाय सुझाने के लिये एक कार्यबल की अध्यक्षता नीति आयोग के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) अमिताभ कांत करेंगे।

दूसरा कार्यबल अनुबंधों को लागू करने के बारे में नीतिगत रूपरेखा की सिफारिश करेगा। इसकी अगुवाई नीति आयोग के उपाध्यक्ष राजीव कुमार करेंगे। इसमें प्रमुख मंत्रालयों और विभागों के अधिकारी बतौर सदस्य शामिल होंगे।

आयोग ने ट्वीट किया है, ‘‘सरकार और निजी इकाइयों के बीच अनुबंध संबंधी विवादों के तेजी से निपटन तथा कारोबार सुगमता के लिये नीति आयोग के सीईओ अमिताभ कांत की अध्यक्षता में कार्यबल का गठन किया गया है। समिति प्रभावी सुलह व्यवस्था को लेकर अपनी सिफारिशें देगी।’’

एक अन्य ट्वीट में उसने लिखा है, ‘‘निवेश में जोखिम धारणा को दूर करने और नीति के मामले में निश्चितता लाने के इरादे से अनुबंधों को क्रियान्वित करने के बारे में नीतिगत रूपरेखा की सिफारिशों को लेकर नीति आयोग के उपाध्यक्ष राजीव कुमार की अध्यक्षता में कार्यबल का गठन किया गया है। इसमें प्रमुख मंत्रालयों और विभागों के अधिकारी बतौर सदस्य शामिल होंगे।’’

आयोग ने यह भी कहा कि पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय द्वारा गठित एक विशेषज्ञ समिति ने अपनी रिपोर्ट दे दी है। इसमें 2025 तक पेट्रोल में एथनॉल मिश्रण की रूपरेखा के बारे में सुझाव दिया गया है।

रिपोर्ट में एथेनॉल के उत्पादन और आपूर्ति को लेकर सालाना आधार पर लक्ष्य का सुझाव दिया गया है। साथ ही इसके अनुरूप वाहनों के विनिर्माण और नियामकीय सुगमता की सिफारिश की गयी है।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)