तिरुवनंतपुरम, 22 सितंबर पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) के कार्यकर्ताओं ने राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) की अगुवाई में कई एजेंसियों द्वारा अपने कार्यालयों, नेताओं के घरों और अन्य परिसर में छापेमारी के विरोध में बृहस्पतिवार को केरल भर में विरोध प्रदर्शन का आयोजन किया। केंद्रीय एजेंसियों की कार्रवाई के खिलाफ अपना कड़ा विरोध जताते हुए संगठन ने केरल में शुक्रवार को सुबह से शाम तक की हड़ताल का आह्वान किया है।
देश में आतंकवादी गतिविधियों का कथित रूप से वित्तपोषण करने को लेकर ये छापेमारी की गई।
एक पीएफआई सदस्य ने यहां कहा कि इसकी राज्य समिति ने पाया कि संगठन के नेताओं की गिरफ्तारी ‘राज्य प्रायोजित आतंकवाद’ का हिस्सा थी।
पीएफआई के राज्य महासचिव ए अब्दुल सथार ने कहा, ‘‘राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के नियंत्रण वाली फासीवादी सरकार की ओर से केंद्रीय एजेंसियों का इस्तेमाल करके असहमति की आवाज को दबाने के प्रयास के खिलाफ राज्य में 23 सितंबर को हड़ताल का आयोजन किया जाएगा।’’
उन्होंने कहा कि हड़ताल का आयोजन सुबह छह बजे से शाम छह बजे तक रहेगा।
सुबह जैसे ही छापों की खबर आयी तो पीएफआई कार्यकर्ताओं ने उन स्थानों की ओर मार्च निकाला, जहां छापे मारे गए और केंद्र तथा उसकी जांच एजेंसियों के खिलाफ नारे लगाए।
बहरहाल, ऐसे सभी स्थानों पर पहले ही केंद्रीय बलों की तैनाती की गयी थी।
पीएफआई के एक सूत्र ने यहां बताया कि तिरुवनंतपुरम, कोल्लम, कोट्टयम, एर्णाकुलम और त्रिशूर समेत लगभग सभी जिलों में प्रदर्शन किए गए।
सूत्र ने ‘पीटीआई-’ को बताया, ‘‘छापे मुख्यत: (पीएफआई)राज्य और जिला समितियों के कार्यालय तथा उसके पदाधिकारियों के आवास पर मारे गए। हालांकि, शुरुआत में हमें लगा कि प्रवर्तन निदेशालय ने छापे मारे हैं लेकिन बाद में यह स्पष्ट हो गया कि यह एनआईए की कार्रवाई है।’’
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