एनआईए ने नशीले पदार्थों की तस्करी में लिप्त आतंकी को सिरसा से गिरफ्तार किया
वह पाकिस्तानी आतंकी संगठनों के लिए भारत में मादक पदार्थों को पहुंचाने काम करता था। इससे मिलने वाले धन का इस्तेमाल आतंकवादी गतिविधियों में किया जाता था।
नयी दिल्ली, नौ मई राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने शनिवार को कुख्यात नार्को-आतंकी रणजीत सिंह को सिरसा से गिरफ्तार कर लिया जो करीब एक साल से फरार चल रहा था।
वह पाकिस्तानी आतंकी संगठनों के लिए भारत में मादक पदार्थों को पहुंचाने काम करता था। इससे मिलने वाले धन का इस्तेमाल आतंकवादी गतिविधियों में किया जाता था।
एनआईए ने एक बयान में कहा कि एजेंसी ने पंजाब और हरियाणा पुलिस के साथ मिलकर अमृतसर निवासी रणजीत सिंह उर्फ चीता को हरियाणा के सिरसा में गुप्त सूचना पर आधारित एक अभियान में गिरफ्तार किया।
बयान के अनुसार एनआईए ने पिछले साल जून में एक मामला दर्ज किया था और पिछले साल दिसंबर में सिंह समेत 15 लोगों और चार कंपनियों के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया था।
एनआईए के प्रवक्ता ने बयान में कहा कि एक मादक पदार्थ जब्ती मामले में जांच में पता चला कि पाकिस्तानी आतंकी संगठन भारत में आतंकी गतिविधियों के लिए धन इकट्ठा करने के लिहाज से मादक पदार्थों की तस्करी का इस्तेमाल कर रहे थे।
इसमें बताया गया कि तस्करी से मिलने वाले पैसे को कूरियर और हवाला माध्यम से आतंकी गतिविधियों के लिए कश्मीर घाटी भेजा जाता था।
सिंह हिज्बुल मुजाहिदीन के हाल में सामने आए आतंकी वित्तपोषण मॉड्यूल में भी प्रमुख आरोपी है। पंजाब पुलिस ने इस साल अप्रैल में दक्षिण कश्मीर के अवंतीपुरा में नौगाम निवासी हिलाल अहमद वागाय को 29 लाख रुपये नकदी के साथ अमृतसर से गिरफ्तार करके मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया था।
यह धन कश्मीर घाटी भेजा जा रहा था, जिसे हिज्बुल के तथाकथित ऑपरेशन कमांडर रियाज नायकू को सौंपा जाना था। सुरक्षा बलों ने पिछले दिनों नायकू को कश्मीर के पुलवामा जिले में उसके गांव में मार गिराया था।
एनआईए ने शुक्रवार को मामला अपने हाथ में लिया और जांच शुरू कर दी।
सिंह और इकबाल सिंह पाकिस्तान से आयातित सेंधा नमक की खेप में छिपाकर लाये जा रहे 532 किलोग्राम हेरोइन के जब्त होने के मामले में मुख्य आरोपी हैं।
सीमाशुल्क अधिकारियों ने पिछले साल 29 जून को अटारी में यह खेप जब्त की थी।
जांच में पता चला कि पाकिस्तानी संगठन वहां से मादक पदार्थों की तस्करी सेंधा नमक की खेप में छिपा कर भारतीय क्षेत्र में करते थे।
यह सारा काम आयातकों, कस्टम हाउस एजेंट, ट्रांसपोर्टरों के व्यापक नेटवर्क की मदद से किया जा रहा था और अवैध अंतरराष्ट्रीय हवाला चैनलों से इसके लिए पैसा आ रहा था।
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(The above story first appeared on LatestLY on May 09, 2020 07:26 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

