नयी दिल्ली, 26 दिसंबर राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने बृहस्पतिवार को कहा कि उसने केरल सरकार और राज्य के पुलिस प्रमुख को उन खबरों को लेकर नोटिस जारी किया है, जिनमें कहा गया है कि तिरुवनंतपुरम जिले के बाहरी इलाकों में बसे आदिवासियों के बीच ‘‘आत्महत्या की घटनाएं बढ़ी’’ हैं और इस साल ही लगभग 23 लोग अपनी जान गंवा चुके हैं।
आयोग ने एक बयान में कहा, ‘‘एक अनुमान के अनुसार, 2011-2022 के बीच जिले के पेरिंगमला पंचायत क्षेत्र में लगभग 138 कथित घटनाएं हुईं। दो साल मामले कम होने के बाद जिले की आदिवासी बस्तियों में आत्महत्याओं का सिलसिला फिर से शुरू हो गया है।’’
आयोग ने कहा कि उसने मीडिया में आई उस खबर का स्वत: संज्ञान लिया है, जिसमें कहा गया है कि केरल में तिरुवनंतपुरम जिले के बाहरी इलाकों में बसे आदिवासी समुदाय के लोगों में आत्महत्या की घटनाओं में खतरनाक वृद्धि हुई है और 2024 में ही लगभग 23 लोगों की आत्महत्या की खबर है।
आयोग ने कहा कि 25 दिसंबर को मीडिया में आई खबर के अनुसार, आत्महत्या करने वालों में से ज्यादातर लोग 20-30 आयु वर्ग के थे।
आयोग ने कहा है कि यदि खबर की विषय-वस्तु सही है तो यह केरल के उस विशेष क्षेत्र में रहने वाले अनुसूचित जनजातियों के लोगों के जीवन के अधिकार तथा सामाजिक, आर्थिक और सांस्कृतिक अधिकारों से संबंधित एक ‘‘गंभीर मुद्दे’’ की ओर संकेत करती है।
आयोग ने बयान में कहा, ‘‘समाज के कमजोर वर्ग के युवाओं द्वारा आत्महत्या करना वास्तव में मानवाधिकारों के उल्लंघन से संबंधित मुद्दा है, जिस पर सरकारी एजेंसियों को तत्काल ध्यान देने की आवश्यकता है। सरकार का यह कर्तव्य है कि वह अपने अधिकार क्षेत्र के अंतर्गत प्रत्येक नागरिक की सुरक्षा सुनिश्चित करे।’’
मानवाधिकार आयोग ने कहा कि आयोग ने केरल के मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक को नोटिस जारी कर विस्तृत रिपोर्ट मांगी है।
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)













QuickLY