नयी दिल्ली, 21 जून राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने पश्चिम बंगाल सरकार और पुलिस को एक शिकायत के संबंध में नोटिस जारी किया है कि पुलिस ने कोलकाता के तिलजला इलाके में सात साल की बच्ची की मौत की जांच कर रही एनसीपीसीआर टीम के काम में बाधा डाली।
एनएचआरसी ने कहा कि जब टीम ने जांच के तहत पीड़िता के माता-पिता के साथ बातचीत को कैमरे में रिकॉर्ड करने के लिए कोलकाता पुलिस का विरोध किया तो टीम पर कथित रूप से हमला किया गया और धमकी दी गई।
शिकायत में मांग की गई है कि इस कृत्य में शामिल पुलिस कर्मियों पर सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) अधिनियम और भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) के तहत मामला दर्ज किया जाए।
एनएचआरसी ने पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक को नोटिस जारी कर मामले में की गई जांच की स्थिति के बारे में रिपोर्ट मांगी है। राज्य पुलिस को चार सप्ताह के भीतर जवाब देने को कहा गया है।
अपने नोटिस में, एनएचआरसी ने कहा कि राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (एनसीपीसीआर) बच्चों के अधिकारों के कथित उल्लंघन से संबंधित किसी भी मामले की शिकायत के आधार पर जांच करने के लिए कानूनी रूप से अधिकृत है।
एनएचआरसी ने कहा कि जिस कमरे में एनसीपीसीआर की टीम को पीड़िता के माता-पिता से बात करनी थी, वहां चतुराई से वीडियो कैमरे लगाना न केवल नैतिक रूप से गलत है, बल्कि शीर्ष अदालत के निर्देशों के खिलाफ भी है।
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