कोलकाता, 21 अगस्त पर्यावरण कार्यकर्ता सुभाष दत्त ने शुक्रवार को कहा कि हाल ही में कुछ हितधारकों द्वारा राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) के निर्देश की गलत तरीके से व्याख्या की गई है।
एनजीटी में दत्त की याचिका के बाद शांतिनिकेतन में वार्षिक पौष मेले के आयोजन के लिए दिशा निर्देश जारी किए गए थे।
किसी का नाम लेने से इनकार करते हुए दत्त ने कहा कि हाल ही में पौष मेले को लेकर कुछ “अवैध और दुर्भाग्यपूर्ण” घटनाएं हुई।
दत्त ने इशारा किया कि बाड़ लगाने का आदेश देना एनजीटी का काम नहीं है।
उन्होंने कहा, “एक निश्चित समय सीमा में पौष मेले का आयोजन करना और सूखे कचरे के निस्तारण जैसे पर्यावरण संबंधी नियमों का पालन करने के एनजीटी के निर्देशों की गलत व्याख्या की गई है। एनजीटी के आदेश की गलत व्याख्या के आलोक में कुछ अवैध गतिविधियां हुईं और राजनीतिक गतिरोध सामने आया। यह नहीं होना चाहिए था।”
दत्त ने कहा, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी विश्व भारती के कुलाधिपति हैं और संस्थान इस प्रकरण में समुचित कदम उठाने से पीछे नहीं हट सकता है। उन्हें राज्य सरकार के सहयोग से मेले को पर्यावरण के अनुकूल बनाने के लिए आवश्यक कदम उठाने होंगे। उन्हें व्यापारियों के एक वर्ग के असहयोग पर आरोप लगाकर मेले को रोकना नहीं चाहिए। उन्हें आवश्यक कदम उठाने चाहिए।”
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