नयी दिल्ली, छह अगस्त राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने वाराणसी स्थित काशी हिंदू विश्वविद्यालय परिसर में बड़ी संख्या में पेड़ों की अवैध कटाई के आरोपों की जांच के लिए एक समिति का गठन किया है।
अधिकरण एक अर्जी पर सुनवाई कर रहा है जिसमें 1300 एकड़ में फैले परिसर में विद्यार्थियों के विरोध के बाद भी चंदन समेत कई पेड़ों को काट दिये जाने और यह सिलसिला जारी रहने का आरोप लगाया गया है।
हाल के अपने एक आदेश में अधिकरण के अध्यक्ष न्यायमूर्ति प्रकाश श्रीवास्तव की पीठ ने कहा कि याचिका में पर्यावरण नियमों के अनुपालन से संबंधित एक महत्वपूर्ण मुद्दा उठाया गया है।
पीठ ने कहा, ‘‘आरोपों की सत्यता और काटे गए पेड़ों की सीमा (और) पेड़ों को काटने से पहले क्या कोई अनुमति ली गई थी और क्या कोई प्रतिपूरक वृक्षारोपण किया गया है, इन बातों का पता लगाने के लिए हम (केंद्रीय) पर्यावरण एवं वन मंत्रालय के क्षेत्रीय कार्यालय और प्रभागीय वन अधिकारी (वाराणसी) की एक समिति का गठन करना उचित समझते हैं।’’
न्यायमूर्ति श्रीवास्तव की पीठ में न्यायिक सदस्य न्यायमूर्ति अरूण कुमार त्यागी और विशेषज्ञ सदस्य ए सेंथिल वेल भी शामिल हैं।
पीठ ने दो सदस्यीय समिति से मौके पर जाकर सही स्थिति का पता लगाने तथा अपनी रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया।
इस मामले की अगली सुनवाई 11 अक्टूबर को होगी।
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