देश की खबरें | एनजीटी का उप्र के मुख्य सचिव को जलाशयों के संरक्षण के वास्ते कार्ययोजना तैयार करने का निर्देश
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने मंगलवार को उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव को जलाशयों की पहचान एवं संरक्षण के वास्ते एकसमान कार्ययोजना तैयार करने के लिए सभी जिलाधिकारियों के साथ बैठक करने का निर्देश दिया।
नयी दिल्ली, तीन नवंबर राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने मंगलवार को उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव को जलाशयों की पहचान एवं संरक्षण के वास्ते एकसमान कार्ययोजना तैयार करने के लिए सभी जिलाधिकारियों के साथ बैठक करने का निर्देश दिया।
एनजीटी अध्यक्ष न्यायमूर्ति आदर्श कुमार गोयल की अगुवाई वाली एक पीठ ने कहा कि जलाशयों का अतिक्रमण एक गंभीर मुद्दा है और उस पर राज्य स्तर पर प्रशासन की ओर से ध्यान दिये जाने की जरूरत है तथा विशेष योजना एवं अभियान आवश्यक है।
न्यायमूर्ति गोयल और न्यायमूर्ति एस के सिंह की पीठ ने कहा, ‘‘ यही वक्त है कि इस मुद्दे का गंभीरता से निदान किया जाए। हम यह भी पाते हैं कि अधिकारी पर्यावरण कानून के त्वरित क्रियान्वयन के बजाय राजस्व कानून की जटिल प्रक्रिया में उलझ जाते हैं। ’’
एनजीटी ने कहा कि उच्चतर स्तर पर कोई निगरानी नहीं है और इस संबंध में प्रशासन के उच्चतर स्तरों पर सुविचारित निर्णय लिये जाने की जरूरत है और यदि आवश्यक हो तो वन विभाग या जिलाधिकारी या किसी उपयुक्त विभाग को अधिकार देने की आवयकता है जो जलाशयों को शीघ्र बचा सके।
पीठ ने कहा, ‘‘ ....हम उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव को इस मुद्दे के समाधान और जलाशयों की पहचान एवं संरक्षण के वास्ते पूरे राज्य के लिए एकसमान कार्ययोजना तैयार करने के लिए आज से एक महीने के अंदर सभी जिलाधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंस से बैठक करने का निर्देश देते हैं।’’
यह निर्देश गाजियाबाद के जिलाधिकारी की रिपोर्ट पर आया है, जिसमें कहा गया है कि कई जलाशयों का अतिक्रमण किया गया है। एनजीटी गाजियाबाद के निवासी सुशील राघव की अर्जी पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें आरोप लगाया गया है कि गाजियाबाद में जलाशयों को कानून का उल्लंघन करते हुए औद्योगिक उपयोग के लिए दिया जा रहा है।
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