नयी दिल्ली, 25 सितंबर राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय को शिमला में अपनी इमारत के एक हिस्से के पुनर्निर्माण की अनुमति के संबंध में याचिका निरीक्षण समिति के पास दाखिल करने को कहा है।
एनजीटी ने 2017 में हिमाचल प्रदेश के हरित, वन और आंतरिक क्षेत्रों तथा राष्ट्रीय राजमार्ग के तीन मीटर के दायरे में आवासीय या वाणिज्यिक सभी तरह के निर्माण पर पाबंदी लगा दी थी।
अपवादस्वरूप किसी भवन के निर्माण की जरूरत के आकलन और इस पर विचार करने तथा जरूरी सिफारिशें करने के लिए निरीक्षण समिति का भी गठन किया गया था।
एनजीटी के अध्यक्ष न्यायमूर्ति आदर्श कुमार गोयल की अगुवाई वाली पीठ ने उच्च न्यायालय को प्रस्ताव के आकलन के लिए कमेटी का रूख करने को कहा ।
एनजीटी हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय के प्रशासनिक खंड द्वारा दायर एक अर्जी पर सुनवाई कर रहा था । इसमें इमारत के एक हिस्से के पुनर्निर्माण की अनुमति देने का अनुरोध किया गया।
अधिकरण ने कहा कि मौजूदा मामले में इमारत की निर्माण योजना को लेकर उच्च न्यायालय ने 29 मार्च 2018 को शिमला नगर निगम के पास आवेदन किया था लेकिन आवेदन को इस आधार पर वापस कर दिया गया कि यह स्थान आंतरिक क्षेत्र में हैं जहां पर नए निर्माण की अनुमति नहीं है।
अधिकरण ने याचिका का निपटारा कर दिया और कहा कि याचिकाकर्ता को मूल्यांकन के लिए निरीक्षण समिति के पास जाने का विकल्प है।
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