नयी दिल्ली, 16 जनवरी वित्तीय आंकड़ों के ऑडिट की गुणवत्ता सुधारने की दिशा में कदम बढ़ाते हुए राष्ट्रीय वित्तीय रिपोर्टिंग प्राधिकरण (एनएफआरए) ने सोमवार को ऑडिट फर्मों के लिए वार्षिक पारदर्शिता रिपोर्ट पेश करने का प्रस्ताव रखा।
वित्तीय ऑडिट क्षेत्र के निकाय एनएफआरए ने वार्षिक पारदर्शिता रिपोर्ट (एटीआर) तैयार करने के लिए शर्तों के मसौदे का ब्योरा भी पेश किया है जिसका पालन ऑडिटरों एवं ऑडिट फर्मों को करना होगा।
एनएफआरए के मुताबिक, एटीआर के जरिये वित्तीय आंकड़ों के ऑडिट की गुणवत्ता सुनिश्चित की जा सकेगी। इससे ऑडिट फर्मों एवं उनके आंतरिक नीति प्रारूप के प्रबंधन एवं संचालन में पारदर्शिता बढ़ाई जा सकेगी। स्वतंत्रता को बनाए रखते हुए हितों के टकराव को भी टालने में मदद मिलेगी।
प्राधिकरण ने एक विज्ञप्ति में कहा, ‘‘सार्वजनिक हित से जुड़ी इकाइयों के लिए क्रमिक रूप से एटीआर जरूरतों को लागू करने का प्रस्ताव रखा गया है। इसकी शुरुआत वित्त वर्ष 2022-23 से बाजार पूंजीकरण के हिसाब से शीर्ष 1,000 सूचीबद्ध कंपनियों के वैधानिक ऑडिटरों के साथ की जाएगी।’’
एनएफआरए ने कहा कि प्रस्तावित एटीआर शर्तों का प्रावधान समकालीन अंतरराष्ट्रीय तौर-तरीकों के अनुरूप है। इन मसौदा शर्तों के बारे में 16 फरवरी तक सार्वजनिक टिप्पणियां आमंत्रित की गई हैं।
प्रेम
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