समाचार एजेंसी रॉयटर्स से प्राप्त अधिकतर खबरों को रूस के पक्ष में दिखाने के लिए रेडियो स्टेशन ‘रेडियो न्यूजीलैंड’(आरएनजेड) में इन्हें बदला गया। ये खबरें एक वर्ष से भी अधिक समय पुरानी हैं। आरएनजेड के एक पत्रकार को आंतरिक जांच पूरी होने तक छुट्टी पर भेज दिया गया है।
आरएनजेड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी पॉल थॉम्प्सन ने कहा कि 16 खबरों में त्रुटियां पाई गई हैं और उन्हें संशोधनों तथा संपादक के परामर्श के साथ बेवसाइट पर पुन: प्रकाशित किया जा रहा है।
उन्होंने कहा, ‘‘यह बेहद निराशाजनक है। यह पीड़ादायक और स्तब्ध करने वाला है। हमें इसकी तह तक जाना है। ’’
आरएनजेड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी ने कहा कि शुक्रवार को उन्हें इस संबंध में जानकरी मिली और उसके बाद से उन्होंने 250 खबरों की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि वह और खबरों की भी समीक्षा करेंगे।
कुछ खबरों में केवल कुछ शब्दों में फेरबदल किया गया, जिस पर आम पाठक का कोई खास ध्यान नहीं गया। कुछ बदलावों में रूस के विमर्श को शामिल किया गया मसलन ‘‘ रूस ने जनमत संग्रह के बाद क्रीमिया पर नियंत्रण किया’’, ‘‘नव-नाजियों ने रूस की सीमा पर खतरा पैदा किया, आदि।’’
तथ्यों के अनुसार रूस ने पहले क्रीमिया पर कब्जा किया और फिर वहां जनमत संग्रह कराया था। रूस के इस कदम की काफी आलोचना हुई थी और इस क्षेत्र पर रूस के कब्जे को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता भी नहीं मिली है।
न्यूजीलैंड की पूर्व प्रधानमंत्री हेलेन क्लार्क ने ट्वीट कर कहा कि वह सार्वजनिक प्रसारक से बेहतर की उम्मीद करती हैं।
उन्होंने कहा,‘‘ यह अकल्पनीय है कि रोडियो न्यूजीलैंड में संपादकीय निगरानी इतनी कम है कि उनका कोई कर्मचारी रूस के पक्ष वाला विमर्श पेश करने के लिए ऑनलाइन खबर पुन: लिख सका और वरिष्ठ कर्मचारियों ने इस पर ध्यान नहीं दिया।’’
गौरतलब है कि रॉयटर्स ने इस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है।
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