नयी दिल्ली, नौ मई भारत ने शनिवार को नेपाल की आपत्ति को खारिज करते हुए कहा कि उत्तराखंड में धारचूला को लिपुलेख दर्रे से जोड़ते हुए जो नयी सड़क बनायी गयी है वह पूरी तरह उसके क्षेत्र में है।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने उत्तराखंड में चीन की सीमा से सटे क्षेत्र में 17,000 फुट की ऊंचाई पर 80 किलोमीटर लंबे रणनीतिक मार्ग का बृहस्पतिवार को उद्घाटन किया।
नेपाल ने शनिवार को यह कहते हुए इसके उद्घाटन पर एतराज किया कि यह ‘एकतरफा कार्रवाई’ दोनों देशों के बीच सीमा मुद्दों के समाधान के लिए बनी आपसी समझ के विरूद्ध है।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अनुराग श्रीवास्तव ने कहा, ‘‘उत्तराखंड के पिथौरागढ़ में हाल में उद्घाटन किया गया मार्गखंड पूरी तरह भारत के क्षेत्र में है। यह सड़क कैलाश मानसरोवर यात्रा के तीर्थयात्रियों द्वारा उपयोग में लाये जाने वाले वर्तमान मार्ग पर ही है। ’’
इस मुद्दे पर नेपाल की तीखी प्रतिक्रिया पर जवाब दे रहे थे।
उन्होंने कहा, ‘‘ वर्तमान परियोजना के अंतर्गत उसी रास्ते को तीर्थयात्रियों, स्थानीय लोगों और व्यापारियों की सुविधा के लिए आवागमन लायक बनाया गया है। भारत और नेपाल ने सभी सीमा मामलों से निपटने के लिए व्यवस्था स्थापित कर रखी है।’’
लिपुलेख दर्रा कालापानी के समीप एक सुदूर पश्चिम स्थान है और कालापानी भारत एवं नेपाल के बीच विवादित सीमा क्षेत्र है। भारत और नेपाल दोनों ही उसे अपना हिस्सा बताते हैं।
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