विदेश की खबरें | नेतन्याहू ने विवादित न्यायिक सुधार की दिशा में आगे बढ़ने के संकेत दिए
श्रीलंका के प्रधानमंत्री दिनेश गुणवर्धने

सरकार की न्यायिक व्यवस्था में आमूल-चूल बदलाव की योजना से इजराइल इस साल के शुरुआत से ही अबतक के सबसे बड़े घरेलू संकट से घिर गया है।

सरकार और विपक्षी पार्टियों के बीच प्रस्तावित न्यायिक बदलाव को लेकर हो रही वार्ता से संकट कुछ समय के लिए टल गया था ताकि इसका कोई स्वीकार्य हल निकाला जा सके।

दोनों पक्षों के बीच हो रही वार्ता को देश के न्यायाधीशों की नियुक्ति करने के लिए जिम्मेदार शक्तिशाली नियमित समिति संबंधी विवाद की वजह से झटका लगा था।

विपक्षी नेताओं ने कहा कि समिति बनाए जाने तक वार्ता नहीं होगी।

नेतन्याहू ने रविवार को मंत्रिमंडल की बैठक में कहा कि विपक्षी दल गंभीरता से बात नहीं कर रहे हैं इसलिए उनकी सरकार आमूल-चूल बदलाव के लिए सतर्कता के साथ आगे बढ़ेगी।

उन्होंने कहा, ‘‘हम इसकी शुरुआत करेंगे, इस सप्ताह व्यावहारिक रूप से आगे बढ़ेंगे। हम न्यायिक प्रणाली में बदलाव के लिए मिले जनादेश के तहत जिम्मेदारी के साथ यह करेंगे।’’

गौरतलब है कि नेतन्याहू ने देश में पड़े पैमाने पर हुए विरोध प्रदर्शन के बाद इस साल मार्च में न्यायिक सुधार के मुद्दे को ठंडे बस्ते में डाल दिया था।

विपक्षी नेता येर लापिद ने कहा कि एकतरफा तरीके से आगे बढ़ने से ‘‘अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचेगा, यह सुरक्षा को खतरे में डालेगा और इजरायली जनता को विभाजित करेगा।’’

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