नयी दिल्ली, 28 अप्रैल सरकार के अंतरिक्ष विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने अंतरिक्ष तक पहुंच की लागत में कमी लाने और ‘‘एप्लिकेशन’’ निर्माण की मांग को बढ़ाने पर शुक्रवार को जोर दिया।
अधिकारी ने नयी दिल्ली के मानेकशॉ सेंटर में अंतरराष्ट्रीय रक्षा एवं अंतरिक्ष सम्मेलन और प्रदर्शनी ‘‘इंडिया - डेफसैट 2023’’ के दौरान यह टिप्पणी की।
आयोजकों द्वारा जारी एक बयान में अंतरिक्ष विभाग के सचिव तथा भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के अध्यक्ष एस सोमनाथ के हवाले से कहा गया है, "रणनीतिक उद्देश्यों के लिए अंतरिक्ष की पूर्ण क्षमता को पहले नहीं समझा गया और इसका उपयोग मुख्य रूप से सार्वजनिक कल्याण एवं और नागरिक उपयोग के लिए किया जाता था।"
उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए अंतरिक्ष क्षमताओं का महत्व "अधिक स्पष्ट" हो गया है। इसके साथ ही उन्होंने सहयोग के माध्यम से क्षमता बढ़ाने की आवश्यकता पर बल दिया।
सोमनाथ ने ‘‘अंतरिक्ष तक पहुंच की लागत में कमी लाने और एप्लिकेशन निर्माण की मांग को बढ़ाने की आवश्यकता’’ पर जोर दिया।
उन्होंने कहा कि भारत के पास उचित तरीके से प्रक्षेपण करने की क्षमता है, लेकिन अंतरिक्ष क्षेत्र में निवेश पूंजी-केंद्रित होने के कारण मांग को और बढ़ाना आवश्यक है।
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