नयी दिल्ली, 26 सितंबर उप राष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू ने शनिवार को कहा कि कोविड-19 महामारी के कारण पैदा हुई की स्थिति को स्वास्थ्य क्षेत्र में आमूलचूल सुधार करने के अवसर के तौर पर देखना चाहिए।
वह ‘अमेरिकन एसोसिएशन ऑफ फिजिशियन ऑफ इंडियन ओरिजन (आपी) के एक कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि कि स्वास्थ्य रिकॉर्ड का डिजिटलीकरण करना होगा और पूरे देश में स्वास्थ्य सेवा से जुड़ा समग्र डाटा तैयार करने के लिए एक राष्ट्रीय प्लेटफार्म बनाना होगा।
उप राष्ट्रपति ने कहा, ‘‘ एक तरफ हमारे शहरों में अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस अस्पताल हैं, दूसरी तरफ गांवों में स्वास्थ्य सेवाओं की भारी कमी है। हमें गांव-शहर के इस अंतर को पाटना होगा।’’
उन्होंने कहा, ‘‘मैं विदेशों में रह रहे भारतीय मूल के डॉक्टरों से आग्रह करूंगा कि वे अपने प्रवासी देश में योग को प्रोत्साहित और प्रचारित करें। इससे न केवल भारत की सॉफ्ट पावर को बल मिलेगा बल्कि विश्व भर में स्वास्थ्य और खुशहाली में वृद्धि होगी।’’
नायडू ने कहा कि कोरोना महामारी के कारण पैदा हुई स्थिति को स्वास्थ्य क्षेत्र में आमूलचूल सुधार करने के अवसर के तौर पर देखना चाहिए।
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