नयी दिल्ली, 30 अगस्त दिल्ली में अगस्त में अस्पतालों में भर्ती कराये गये कोरोना वायरस के मरीजों में करीब एक तिहाई अन्य राज्यों के थे। सरकारी आंकड़े में यह बात सामने आयी।
आंकड़े के अनुसार तीन अगस्त से लेकर 28 अगस्त तक यहां इस वायरस से जितने लोगों की जान गयी उनमें आधे से अधिक गैर बाशिंदे थे।
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आप सरकार ने जून में राष्ट्रीय राजधानी में कोरोना वायरस के मामलों में भारी वृद्धि का अनुमान व्यक्त किया था और दिल्ली के अस्पतालों में बेड को केवल यहां के बाशिंदों के लिए आरिक्षत करने का निर्णय लिया था। लेकिन इस निर्णय को उपराज्यपाल अनिल बैजल ने पलट दिया था।
दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने शुक्रवार को कहा था कि यहां कोविड-19 के मामलों में इजाफा कई कारणों से हुआ जिनमें बाहर से इलाज के लिए लोगों का यहां आना, लॉकडाउन के दौरान दिल्ली से चले गये प्रवासी श्रमिकों का लौटना और जांच में वृद्धि आदि शामिल हैं।
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सरकारी आंकड़े दर्शाते हैं कि अगस्त में दिल्ली के अस्पतालों में कोविड-19 के 8,577 मरीज भर्ती किये गये जिनमें से 2536 अन्य राज्यों खासकर उत्तर प्रदेश और हरियाणा के थे।
निजी अस्पतालों में दिल्ली से अधिक बाहर के कोविड-19 मरीज भर्ती रहे। बी एल कपूर अस्पतला में भर्ती 98 मरीजों में 51 बाहर के थे। इसी तरह , अपोलो अस्पताल में भर्ती 158 मरीजों में 111 दिल्ली से नहीं थे।
आंकड़े के अनुसार तीन अगस्त से लेकर 28 अगस्त तक शहर में करीब 395 कोविड-19 मरीजों की जान चली गयी जिनमे 210 राष्ट्रीय राजधानी के बाहर के थे।
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