देश की खबरें | राकांपा नेता प्रफुल्ल पटेल, सुनील तटकरे ने नवाब मलिक से मुलाकात की

मुंबई, 15 अगस्त राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के अजित पवार गुट का समर्थन करने वाले नेता प्रफुल्ल पटेल और सुनील तटकरे ने मंगलवार को पार्टी के विधायक नवाब मलिक से मुलाकात की।

मलिक को धन शोधन के एक मामले में हाल में उच्चतम न्यायालय ने चिकित्सा आधार पर अंतरिम जमानत दी है।

पटेल ने बाद में पत्रकारों से कहा कि उन्होंने किसी राजनीतिक मुद्दे पर चर्चा नहीं की।

राज्य के पूर्व मंत्री मलिक और महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार के बीच संभावित बैठक के बारे में पूछे जाने पर प्रफुल्ल पटेल ने कहा, ‘‘अजित पवार निश्चित तौर पर नवाब मलिक से मुलाकात करेंगे।’’

महाराष्ट्र के पूर्व मंत्री और राकांपा नेता नवाब मलिक को सोमवार को यहां एक निजी अस्पताल से छुट्टी मिल गई। इससे पहले, उच्चतम न्यायालय ने उन्हें धनशोधन मामले में दो महीने की अंतरिम जमानत दी थी। इस मामले में उन्हें 2022 की शुरुआत में गिरफ्तार किया गया था।

पटेल और तटकरे मंगलवार को मलिक से मुलाकात करने यहां उनके आवास पर आए और राकांपा विधायक को मिठाई देते हुए दिखे।

पत्रकारों से बातचीत में राज्यसभा सदस्य प्रफुल्ल पटेल ने कहा, ‘‘यह नवाब मलिक के साथ शिष्टाचार भेंट थी। हमने उनका हालचाल पूछा और उन्हें अपना समर्थन दिया। उन्होंने करीब 16 महीने जेल में बिताए।’’

उन्होंने कहा, ‘‘उनसे मुलाकात करना हमारा कर्तव्य है क्योंकि हम पिछले 25-30 वर्षों से साथ रहे हैं। हमने किसी राजनीतिक मुद्दे पर चर्चा नहीं की। उनके स्वास्थ्य को देखते हुए मैं, सभी से मलिक को स्वस्थ होने के लिए कुछ वक्त देने का अनुरोध करूंगा। उन्हें किडनी से जुड़ी दिक्कतें हैं।’’

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) या आयकर (आईटी) विभाग की जांच का सामना कर रहे राकांपा नेताओं के अजित पवार गुट का समर्थन करने के संबंध में पूछे गए सवाल पर पटेल ने कहा, ‘‘हमने जो राजनीतिक कदम उठाया है वह सभी के सामने है और सभी को स्पष्ट है। इस पर हमारी ओर से कोई टिप्पणी नहीं होगी।’’

मलिक की बेटी और भाई ने कुछ दिन पहले अजित पवार से मुलाकात की थी।

राकांपा सांसद सुप्रिया सुले ने सोमवार को कहा था कि महाराष्ट्र के पूर्व मंत्री और पार्टी नेता नवाब मलिक को उच्चतम न्यायालय द्वारा अंतरिम जमानत दिए जाने के तीन दिन बाद उनका यहां एक निजी अस्पताल से बाहर आना “सच्चाई की जीत” है।

मलिक को उपनगरीय कुर्ला के निजी अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद सुले ने कहा, “मैं यहां अपने भाई को लेने आई हूं। सत्यमेव जयते!”

सुले ने यह भी कहा कि वह किसी राजनीतिक कारण से अस्पताल नहीं आई हैं।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)