नयी दिल्ली, 21 सितंबर राष्ट्रीय कंपनी विधि न्यायाधिकरण (एनसीएलटी) ने रियल एस्टेट कंपनी अजनारा लि. के खिलाफ ऋण शोधन कार्यवाही शुरू करने का निर्देश दिया है और इसके लिये अंतरिम समाधान पेशेवर नियुक्त किया है।
दिल्ली स्थित दो सदस्यीय पीठ ने अजनारा एम्ब्रोसिया के 113 आवंटियों की तरफ से दायरा ऋण शोधन याचिका को स्वीकार कर लिया। बिल्डर-खरीदार समझौते के तहत बुकिंग के तीन साल के भीतर कंपनी घर देने के लिये बाध्य थी, लेकिन वह ऐसा करने में नाकाम रही।
एनसीएलटी ने कहा, ‘‘कर्ज में फंसी कंपनी ने समझौते के तहत संबंधित घर खरीदारों को मकान देने में चूक की।’’
पीठ ने कहा कि अजनारा के खिलाफ ऋण शोधन याचिका स्वीकार करने के लिये यह ‘उपयुक्त मामला’ है।
न्यायाधिकरण ने कंपनी पर संपत्ति के हस्तांतरण या निपटान पर भी प्रतिबंध लगाया है।
मामला नोएडा के सेक्टर-118 स्थित परियोजना ‘अजनारा एम्ब्रोसिया’ से जुड़ा है। रियल एस्टेट कंपनी वहां ग्रुप हाउसिंग सोसायटी का निर्माण कर रही थी।
अजनारा एम्ब्रोसिया आवासीय सोसायटी थी। नियम और शर्तों के अनुसार तीन साल की अवधि के भीतर घर खरीदारों को मकान देना था।
कंपनी ने 113 फ्लैट मालिकों से 50.47 करोड़ रुपये लिये लेकिन मकान सौंपने की अपनी प्रतिबद्धता को पूरा करने में वह विफल रही।
उसके बाद खरीदारों ने एनसीएलटी में याचिका दायर की।
कंपनी ने याचिका स्वीकार किये जाने का विरोध किया जिसे एनसीएलटी ने खारिज कर दिया।
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