श्रीनगर, 16 जुलाई नेशनल कांफ्रेंस (नेकां) और पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी ने बृहस्पतिवार को जम्मू-कश्मीर प्रशासन से कहा कि वह केन्द्र शासित प्रदेश के बीमारू सार्वजनिक उपक्रमों का विलय करने या उन्हें बंद करने संबंधी छह महीने पुराने आदेश को रद्द कर दे।
नेकां ने ट्वीट किया है, ‘‘कई सार्वजनिक उपक्रमों को बंद करने का जम्मू-कश्मीर सरकार का फैसला चौंकाने वाला है... यह आदेश उचित नहीं है और इसे रद्द किया जाना चाहिए।’’
पार्टी ने कहा कि प्रशासन पहले से मौजूद बेरोजगारी को और बढ़ाने में जुटा हुआ है।
नेकां ने कहा, ‘‘नयी नौकरियां सृजित करने के स्थान पर जम्मू-कश्मीर प्रशासन मौजूदा सरकारी कर्मचारियों को नौकरी से निकालकर बेरोजगारी को और बढ़ाने पर तुला हुआ है।’’
पीडीपी ने सरकार के इस कदम को भयावह बताया है।
पार्टी ने ट्वीट किया है, ‘‘जम्मू-कश्मीर प्रशासन का कई सार्वजनिक उपक्रमों को बंद करने का फैसला भयावह है। ऐसे वक्त में जब जम्मू-कश्मीर बेरोजगारी से जूझ रहा है, नयी नौकरियां सृजित करने की जरूरत है, ऐसे में प्रशासन का यह कदम मौजूदा सरकारी कर्मचारियों को नौकरी से निकाल कर बेरोजगारी को और बढ़ाने का ही है।’’
उपराज्यपाल जी.सी. मुर्म के निर्देश पर प्रशासन ने जनवरी 2020 में एक आदेश जारी कर कहा कि खनिज खदानों की नीलामी होगी, इंडस्ट्रीयल एस्टेट सिडको को सौंप दिए जाएंगे और संपत्ति के आकलन के बाद जम्मू-कश्मीर सीमेंट्स लिमिटेड का निजीकरण किया जाएगा।
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