तिरुपति (आंध्र प्रदेश), 24 अक्टूबर यहां तिरुमला की पहाड़ियों में स्थित भगवान वेंकटेश्वर के मंदिर में नौ दिवसीय वार्षिक नवरात्रि ब्रह्मोत्सवम अनुष्ठान शनिवार को सपंन्न हो गया।
मंदिर के एक अधिकारी ने बताया कि भगवान वेंकटेश्वर और उनकी पत्नी पद्मावती और लक्ष्मी के साथ-साथ श्री चक्रम के विग्रहों को वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ आज स्नान कराया गया।
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उन्होंने बताया कि मुख्य पुजारी द्वारा विग्रहों की विशेष पूजा किए जाने के बाद उन्हें प्राचीन मंदिर के गर्भ गृह में स्थापित कर दिया गया।
अधिकारी ने बताया कि कोरोना वायरस महामारी के चलते इस बार ब्रह्मोत्सवम बिना शोभा यात्रा और श्रद्धालुओं की अनुपस्थिति में संपन्न हुआ।
उन्होंने बताया कि हिंदू पंचाग के अनुसार इस बार अधिक मास होने की वजह से साल में नौ-नौ दिनों का दो ब्रह्मोत्सव मनाया गया।
अधिकारी ने बताया कि दोनों उत्सव भक्तों की उपस्थिति के बिना संपन्न हुआ।
उन्होंने बताया कि मंदिर का प्रबंधन करने वाले टीटीडी बोर्ड के अध्यक्ष वाईवी सुब्बा रेड्डी 10 दिन पहले कोरोना वायरस से संक्रमित पाए गए थे, इसलिए वह ब्रह्मोत्सवम में शामिल नहीं हुए।
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