स्टोल्टेनबर्ग ने इस फैसले के बाद ट्वीट किया कि संगठन के महासचिव पद का कार्यकाल एक अक्टूबर 2024 तक बढ़ाकर ‘‘ नाटो सदस्य देशों ने उन्हें सम्मानित किया है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘ यूरोप और उत्तरी अमेरिका के बीच अंतर अटलांटिक संबंधों ने गत 75 सालों में हमारी आजादी और सुरक्षा को सुनिश्चित किया है। मौजूदा समय में अपेक्षाकृत अधिक खतरनाक दुनिया में हमारे गठबंधन का महत्व पहले से कहीं अधिक बढ़ गया है।’’
नार्वे के पूर्व प्रधानमंत्री स्टोल्टेनबर्ग वर्ष 2014 से ही नाटो के शीर्ष असैन्य अधिकारी हैं। उनका कार्यकाल पिछले साल समाप्त होने वाला था लेकिन फरवरी 2022 में यूक्रेन के खिलाफ रूस द्वारा युद्ध शुरू किए जाने की पृष्ठभूमि में उन्हें पद पर बने रहने को कहा गया।
अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन और उनके नाटो समकक्षों को 11 और 12 जुलाई को लिथुआनिया की राजधानी विलनियस में होने वाले शिखर सम्मेलन के दौरान नए महासचिव को नामित करना था लेकिन विश्व के सबसे बड़े सुरक्षा संगठन ने आम-सहमति से स्टोल्टेनबर्ग को ही बनाए रखने का फैसला किया।
नार्वे के प्रधानमंत्री जोनास गहर स्टोर ने स्टोल्टेनबर्ग का कार्यकाल बढ़ाने का स्वागत किया है।
यह चौथी बार है जब स्टोल्टेनबर्ग के कार्यकाल में विस्तार किया गया है। वह नीदरलैंड के पूर्व विदेशमंत्री जोसेफ लुन्स के बाद सबसे अधिक समय तक इस पद पर बने रहने वाले दूसरे अधिकारी हैं। लुन्स 1971 से लेकर करीब 13 साल तक उक्त पद पर रहे।
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