चेन्नई, पांच दिसंबर राष्ट्रीय सिद्ध संस्थान (एनआईएस) ने नैदानिक व स्वास्थ्य प्रणाली, महामारी विज्ञान का अध्ययन और मूलभूत चिकित्सा एवं संबद्ध विज्ञान के क्षेत्रों में संयुक्त शोध-विकास कार्यों के लिये चेन्नई के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ एपेडिमियोलॉजी (एनआईई) के साथ यहां एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किया है।
इन परियोजनाओं का वित्तपोषण विशिष्ट वित्तपोषण स्रोतों के माध्यम से किया जायेगा।
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दोनों संस्थान संयुक्त रूप से संगोष्ठी, कार्यशालाएं, वेबिनार, सम्मेलन, सतत शिक्षा कार्यक्रम (सतत चिकित्सा शिक्षा (सीएमई सहित) का संचालन करेंगे और आपसी हित के क्षेत्रों में शैक्षणिक कार्यक्रमों का विकास करेंगे।
एनआईएस की निदेशक प्रोफेसर डॉ आर मीनाकुमारी और एनआईई के निदेशक डॉ मनोज मुरेकर ने 4 दिसंबर को समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किये।
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दोनों निदेशकों और विशेषज्ञों, वैज्ञानिकों व चिकित्सकों के उनके दलों ने चिकित्सा शिक्षा और अनुसंधान में उत्कृष्टता जैसे विभिन्न सहयोगी कार्यों पर भी चर्चा की।
एनआईएस की एक विज्ञप्ति में कहा गया है कि दोनों संस्थानों ने अपने उद्देश्यों और क्षमताओं पर विचार करने के बाद उपरोक्त क्षेत्रों में सहयोग के लिये एक समझौता करने पर सहमति व्यक्त की।
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