जरुरी जानकारी | राजमार्गों की गुणवत्ता की रैंकिंग करेगा भारतीय राष्ट्रीय राजर्मा प्राधिकरण

नयी दिल्ली, छह जुलाई एनएचएआई ने सोमवार को कहा कि राजमार्गों की स्थिति में सुधार के लिए सड़कों के कार्य-प्रदर्शन की आडिट के आधार पर एक रैंकिंग प्रणाली शुरु की जाएगी।

एनएचएआई यात्रियों और सामानों की एक राज्य से दूसरे राज्य को आवाजाही के लिए राष्ट्रीय राजमार्गों के विकास, रखरखाव और प्रबंधन का काम करती है।

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एनएचएआई ने एक बयान में कहा, ‘‘सड़कों की गुणवत्ता में सुधार के लिए एनएचएआई ने देश में राजमार्गों के प्रदर्शन का आकलन करने और उन्हें रैंकिंग देने का फैसला किया है।’’ आकलन वैश्विक स्तर अपनाए जा रहे तरीकों के अनुसार किया जाएगा।

बयान के मुताबिक राष्ट्रीय राजमार्गों के मूल्यांकन ऑडिट और रैंकिंग देने का मकसद इसकी सेवाओं में सुधार लाना है।

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मूल्यांकन के मानक भारतीय संदर्भ में राजमार्गों के लिए विभिन्न अंतरराष्ट्रीय प्रथाओं और अध्ययनों पर आधारित हैं।

बयान के मुताबिक मूल्यांकन के दौरान मुख्य रूप से तीन बातों राजमार्गों की दक्षता, राजमार्गों की सुरक्षा और विभिन्न यात्री सेवाओं पर महत्व दिया जाएगा। इसके लिए राजमार्ग खंडों का आकलन मोटै तौर पर तीन बातों कुशलता, सुरक्षा और सुविधा को लेकर किया जाएगा और इनके लिए क्रमश: 45%, 35% और 20% प्रतिशत अंक रखे जाएंगे।

प्राधिकरण इस आडिट के आधार पर हस्तक्षेप की आवश्यकता निर्धारित करेगा। इसमें गति, प्रवेष पर नियंत्रण, टोल प्लाजा पर आसानी आदि बातों पर भी गौर किया जाएगा।

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