श्रीनगर, 21 मई सत्तारूढ़ नेशनल कांफ्रेंस (नेकां) ने पहलगाम आतंकी हमले की निंदा से संबंधित एक प्रस्ताव समेत सात प्रस्ताव पारित किए और जम्मू-कश्मीर का विशेष दर्जा एवं राज्य का दर्जा बहाल कराने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।
पार्टी अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला की अध्यक्षता में और मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला की उपस्थिति में पार्टी की कार्यसमिति द्वारा पारित अन्य प्रस्तावों में जम्मू-कश्मीर में निरंतर शांति और बातचीत का आह्वान किया गया।
नेशनल कांफ्रेंस ने कहा कि पहलगाम हमले की निंदा करने में जम्मू-कश्मीर के लोगों का "स्वतःस्फूर्त और भारी" समर्थन "जीवन में एक बार मिलने वाला अवसर" है, जिसे बर्बाद नहीं किया जाना चाहिए। पार्टी ने हमले के मद्देनजर देश के अन्य हिस्सों में कश्मीरियों के उत्पीड़न की आलोचना की।
पहले प्रस्ताव में, पार्टी की कार्यसमिति ने पहलगाम के बैसरन मैदान में हुए हमले की कड़ी निंदा की, जिसमें एक युवा कश्मीरी सैयद आदिल हुसैन शाह समेत 26 लोगों की मौत हुई थी।
पार्टी ने सीमा पार से लगातार हो रही गोलाबारी की भी निंदा की, जिसमें 23 नागरिकों की जान चली गई है।
कार्य समिति ने सर्वसम्मति से एक और प्रस्ताव पारित किया, जिसमें जम्मू-कश्मीर के विशेष दर्जे की बहाली के लिए अटूट प्रतिबद्धता की पुष्टि की गई।
प्रस्ताव में कहा गया है, "कार्यसमिति ने दोहराया कि इस मामले से लोगों की आकांक्षाएं और सम्मान जुड़ा है और इसे बिना किसी देरी के हल किया जाना चाहिए। हम इसकी बहाली के लिए संघर्ष करते रहेंगे।”
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