जापान द्वारा क्षुद्र ग्रह का नमूना लाने के बाद अमेरिका यह उपलब्धि हासिल करने वाला दूसरा देश बन जाएगा।
यूनिर्सिटी ऑफ एरिजोना के प्रमुख वैज्ञानिक दांते लॉरेत्ता ने कहा, ‘‘मुझे विश्वास नहीं हो रहा है कि हमने ऐसा किया है। अंतरिक्ष यान वह हर काम कर रहा है जो किया जाना चाहिए।’’
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ओसीरिस-रेक्स अंतरिक्ष यान ने धरती से 20 करोड़ मील दूर बेन्नू क्षुद्र ग्रह पर उतरने के संकेत दिए तो मिशन से जुड़ी टीम के चेहरे पर खुशी छा गई।
वैज्ञानिकों को करीब एक हफ्ते का समय यह पता लगाने में लगेगा कि क्या यान नमूना एकत्र करने में कामयाब हुआ है या दोबारा कोशिश करनी होगी। अगर यह सफल होता है तो वर्ष 2023 में यान नमूना लेकर धरती पर लौटेगा।
डेनेवर स्थित भू नियंत्रण केंद्र से दिए गए निर्देश के अनुरूप यान को बेन्नू की कक्षा से सतह के करीब पहुंचने में करीब साढे चार घंटे का समय लगा।
यान के लिए बेन्नू का गुरुत्वाकर्षण बहुत कम है क्योंकि क्षुद्र ग्रह की लंबाई महज 510 मीटर है। इसकी वजह से यान को 3.4 मीटर लंबे रोबोटिक हाथ के जरिये सतह से कम से कम 60 ग्राम नमूना लेने की कोशिश करनी पड़ेगी।
एपी
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