ताजा खबरें | नायडू ने राज्यसभा में कुछ मंत्रियों के अनुपस्थित रहने पर जतायी अप्रसन्नता

नयी दिल्ली, 17 दिसंबर राज्यसभा में शुक्रवार को सभापति एम वेंकैया नायडू ने सदन की कार्यसूची में जिन मंत्रियों के नाम दस्तावेज पेश करने के लिए सूचीबद्ध थे, उनके अनुपस्थित रहने पर अप्रसन्नता जतायी और सरकार से इस बात पर ध्यान देने को कहा।

सभापति ने यह टिप्पणी उस समय की जब कुछ मंत्रियों को सदन से अनुपस्थित पाया गया और उनके नाम से सूचीबद्ध दस्तावेज को किसी अन्य मंत्री ने सदन के पटल पर रखा।

नायडू ने कहा, ‘‘मंत्री जिन्होंने आसन को नोटिस दे रखा हो, उनसे उम्मीद की जाती है कि वे सदन के पटल पर दस्तावेज रखेंगे और उन्हें सदन से अनुपस्थित नहीं रहना चाहिए। असाधारण परिस्थिति में... यदि कोई समस्या है तो उन्हें पहले सभापति से संपर्क करना चाहिए और अनुमति लेनी चाहिए। ’’

उन्होंने कहा, ‘‘कुछ लोग इसे कभी-कभी करते हैं और अन्य लोग इसे बहुत हल्के में लेते हैं। इसे न तो हल्के में लिया जाना चाहिए ना यह सामान्य बात है।’’ उन्होंने कहा कि भविष्य में ऐसी चीजें नहीं होनी चाहिए।

नायडू ने सदन के नेता पीयूष गोयल एवं संसदीय कार्य मंत्री प्रह्लाद जोशी से कहा कि वे इस बात का संज्ञान लें।

उन्होंने कहा कि पूर्व नोटिस या अनुमति से मंत्रियों की तरफ से किसी अन्य के द्वारा दस्तावेज सदन के पटल पर रखे जाने पर वह आपत्ति व्यक्त नहीं कर रहे हैं।

इस बीच नायडू ने कुछ संसदीय समितियों द्वारा समय पर रिपोर्ट देने और नियमित बैठक कराने के लिए उनके अध्यक्षों की सराहना की।

उन्होंने सदन में कहा, ‘‘श्री टी जी वेंकटेश, प्रोफेसर रामगोपाल वर्मा और श्री जयराम रमेश एवं अन्य सदस्य जो स्थायी समितियों के अध्यक्ष हैं, कई बैठकें करवाने और समय पर रिपोर्ट के लिए जाने जाते हैं। मैं उनकी सराहना करता हूं और उम्मीद करता हूं कि वे इसका अनुसरण करेंगे और इस बात को सुनिश्चित करेंगे वे जिस स्थायी समिति के अध्यक्ष हैं, उसकी नियमित बैठकें हों और यथाशीघ्र रिपोर्ट दी जाए।’’

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