नयी दिल्ली, छह जून उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू ने सोमवार को भारत और कतर की संसदों के मध्य संबंधों को गहरा करने और संसदीय आदान-प्रदान को बढ़ावा देने का आह्वान किया।
वर्ष 2023 भारत और कतर के बीच पूर्ण राजनयिक संबंधों की स्थापना के 50 साल का प्रतीक है। नायडू ने सुझाव दिया कि दोनों संसदों को भी मील के पत्थर का जश्न मनाने के लिए एक कार्यक्रम की योजना बनानी चाहिए।
उपराष्ट्रपति कार्यालय द्वारा जारी एक बयान के अनुसार, कतर की शूरा परिषद के अध्यक्ष हसन अब्दुल्ला अल-घनीम ने परिषद के तीन सदस्यों के साथ दोहा में मुलाकात के दौरान नायडू ने ये टिप्पणी की।
बतौर राज्यसभा अध्यक्ष नायडू ने शूरा परिषद के अध्यक्ष और सदस्यों को भारत आने का निमंत्रण दिया।
उन्होंने भारत और कतर के बीच बहुपक्षीय मंचों जैसे अंतर संसदीय संघ (आईपीयू), एशियाई संसदीय सभा और अन्य पर अधिक सहयोग का आह्वान किया।
मालूम हो कि शूरा परिषद 45 सदस्यों वाला कतर राज्य का विधायी निकाय है।
इससे पहले दिन में नायडू ने मध्य पूर्व राष्ट्र में एक गैर-लाभकारी संगठन कतर फाउंडेशन से मुलाकात की। उन्होंने शिक्षा, स्वास्थ्य, विज्ञान और प्रौद्योगिकी और सामुदायिक विकास में कतर फाउंडेशन के प्रयासों की सराहना की।
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