नागपुर (महाराष्ट्र), 21 जुलाई नागपुर केंद्रीय कारागार ने जेल की सजा में छूट देने के लिए 14 कैदियों के नाम महाराष्ट्र के राज्यपाल के पास भेजे हैं।
देश की आजादी की 75वीं वर्षगांठ के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जेल की सजा में छूट देने की योजना शुरू की है।
अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को यहां बताया कि इस योजना के तहत 60 वर्ष से अधिक आयु के कुछ कैदियों और अपनी जेल की सजा की आधी अवधि पूरी करने वाले कैदियों को छूट दी जाएगी।
उन्होंने बताया कि कैदियों के बीच अच्छे व्यवहार को बढ़ावा देने के लिए यह योजना लायी गयी है।
केंद्रीय जेल अधीक्षक अनूप कुमरे ने कहा, ‘‘चयनित कैदियों को इस साल 15 अगस्त को रिहा किया जाएगा। अगले साल 26 जनवरी और 15 अगस्त को दूसरे तथा तीसरे चरणों में कैदियों को रिहा करने की प्रक्रिया भी जल्द शुरू होगी। हम कैदियों तथा उनके परिजनों के लिए काउंलिसिंग सत्र आयोजित करेंगे ताकि समाज में उनका जल्द पुनर्वास हो सके।’’
बहरहाल, यह योजना मौत की सजा पाने वालों और उम्रकैद की सजा काट रहे या दुष्कर्म, आतंकवाद, दहेज हत्या और धन शोधन जैसे अपराधों के दोषियों पर लागू नहीं होगी।
अधिकारियों ने बताया कि विस्फोटक अधिनियम, राष्ट्रीय सुरक्षा कानून, मकोका, टाडा, शासकीय गोपनीयता अधिनियम, हाइजैक रोधी कानून के तहत दोषी ठहराए गए कैदी इस योजना के तहत छूट नहीं पा सकेंगे।
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