देश की खबरें | मलयालम में स्नातकोत्तर करने वाली पहली मुस्लिम महिला नबीसा उम्माल का निधन

तिरुवनंतपुरम, छह मई जानी-मानी मलयालम विद्वान और पूर्व विधायक नबीसा उम्माल का शनिवार को नेदुमंगडु के करीब उनके आवास पर निधन हो गया। वह 92 साल की थीं। परिवारिक सूत्रों ने यह जानकारी दी।

उम्माल दक्षिणी राज्य में मलयालम में स्नातकोत्तर की डिग्री हासिल करने वाली मुस्लिम समुदाय की पहली महिला थीं।

वह विभिन्न सरकारी कॉलेजों में प्रोफेसर और प्राचार्य रहीं और 1986 में सेवानिवृत्त हुईं।

प्रसिद्ध कवि-विद्वान ए आर राजा राजा वर्मा के यहां सरकारी विश्वविद्यालय कॉलेज में विभाग प्रमुख और प्राचार्य के तौर पर कार्यभार संभालने के बाद उम्माल को पहली मलयालम विद्वान के तौर पर पहचान मिलीं।

वाम समर्थक नबीसा उम्माल ने 1987 में विधानसभा चुनाव में मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में यहां कझाकुट्टम निर्वाचन क्षेत्र से जीत दर्ज की थीं।

राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने अपने शोक संदेश में कहा कि लोक सेवा और शिक्षा में उम्माल के योगदान को लंबे समय तक याद रखा जाएगा।

उन्होंने ट्वीट किया, “जानी-मानी शिक्षिका, वक्ता और पूर्व विधायक प्रोफेसर नबीसा उम्माल के निधन पर भावभीनी श्रद्धांजलि। लोक सेवा और शिक्षा में उनके योगदान को लंबे समय तक याद किया जाएगा। ईश्वर उसकी आत्मा को शांति प्रदान करे।”

मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने उनके निधन पर शोक व्यक्त किया और कहा कि उम्माल राज्यभर के विभिन्न सरकारी कॉलेजों में कई छात्रों की प्रिय शिक्षिका थीं।

उनके विभिन्न योगदान की सराहना करते हुए मुख्यमंत्री ने इसका भी उल्लेख किया कि वह वामपंथ से सहानुभूति रखती थीं।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)