आइजोल,18 जून मिजोरम के मुख्यमंत्री जोरामथंगा ने रविवार को कहा कि उनके मणिपुर के समकक्ष एन बीरेन सिंह ने उनसे फोन पर बातचीत की और पड़ोसी राज्य में शांति बहाल करने के लिए उनकी मदद मांगी।
जोरामथंगा ने कहा कि टेलीफोन पर हुई बातचीत के दौरान, सिंह ने उनसे मिजोरम में रह रहे मेइती समुदाय के लोगों की सुरक्षा के लिए कदम उठाने का अनुरोध किया।
मिजोरम के मुख्यमंत्री ने ट्विटर पर कहा, ‘‘मणिपुर के मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह ने मणिपुर में जारी हिंसा के सिलसिले में मुझसे (शनिवार को) रात साढ़े बारह बजे फोन पर बात की। उन्होंने मुद्दे के समाधान के लिए मेरी मदद मांगी।’’
उन्होंने सिंह से यह भी कहा कि मिजोरम के लोग मेइती के प्रति सहानुभूति रखते हैं और इसलिए सरकार और नागरिक संस्थाओं ने शांति व सुरक्षा के लिए उपाय किये हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘मैंने मणिपुर के मुख्यमंत्री को आश्वस्त किया है कि मिजोरम सरकार ने जारी हिंसा पर दुख जताया है। मैंने यह भी कहा कि हम मणिपुर सरकार और केंद्र सरकार द्वारा उठाये गये कदमों का समर्थन करते हैं।’’
उल्लेखनीय है कि मणिपुर में 100 से अधिक लोग जातीय हिंसा में अपनी जान गंवा चुके हैं, जो एक महीने से अधिक समय से जारी है।
मेइती समुदाय को अनुसूचित जनजाति का दर्जा देने की इसकी मांग के विरोध में मणिपुर के पर्वतीय जिलों में आदिवासी एकजुटता मार्च आयोजित किये जाने के बाद पहली बार तीन मई को झड़प हुई थी।
इस बीच, पिछले दो दिनों में कम से कम 196 लोग हिंसा प्रभावित मणिपुर से मिजोरम भाग गये हैं। इसके साथ ही, मिजोरम में शरण लेने वाले विस्थापितों की संख्या बढ़कर 11,699 पहुंच गई है।
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