देश की खबरें | म्यांमा ने चक्रवात प्रभावित क्षेत्रों में अंतरराष्ट्रीय सहायता की पहुंच रोकी: संयुक्त राष्ट्र एजेंसी

बंगाल की खाड़ी में बना चक्रवात ‘मोखा’ मई के मध्य में बांग्लादेश और म्यांमा में पहुंचा था। इस दौरान करीब 209 किलोमीटर की गति से तेज हवाएं चली थीं। इसके कारण सबसे अधिक नुकसान म्यांमा के रखाइन राज्य के सितवे में हुआ था। इसके कारण चिन राज्य में भी काफी तबाही मची थी।

मानवीय मामलों के समन्वय के लिए संयुक्त राष्ट्र के कार्यालय ने एक स्थिति रिपोर्ट में कहा कि सैन्य प्राधिकारियों ने अंतरराष्ट्रीय मानवतावादी संगठनों को यात्रा के लिए दी गई मंजूरी को भी रद्द कर दिया है।

इसने कहा कि सहायता गतिविधियों को रोके जाने का ‘‘इससे खराब समय नहीं हो सकता था’’, क्योंकि वार्षिक मानसून का मौसम आने वाला है।

रिपोर्ट में यह नहीं बताया गया कि सैन्य सरकार की आपदा प्रबंधन समिति ने यात्रा मंजूरी को निलंबित क्यों किया।

म्यांमा ने जातीय अल्पसंख्यकों के साथ तनाव के कारण रखाइन देश के कई हिस्सों, विशेषकर संवेदनशील समझे जाने वाले इलाकों तक लंबे समय से पहुंच को प्रतिबंधित रखा है।

चक्रवात मोखा के कारण रखाइन में कम से कम 148 लोगों की मौत हो चुकी है। म्यांमा के सरकारी मीडिया के अनुसार, इस चक्रवात के कारण 1,86,000 से अधिक इमारतें क्षतिग्रस्त हुई हैं।

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