जरुरी जानकारी | अधिक आयात और कमजोर मांग से सरसों, सोयाबीन तेल-तिलहन कीमतों में गिरावट

नयी दिल्ली, 15 जुलाई देश में सस्ते खाद्यतेलों के बढ़ते आयात के बीच शनिवार को दिल्ली तेल-तिलहन बाजार में सरसों और सोयाबीन तेल तिलहन कीमतों में गिरावट देखने को मिली जबकि मूंगफली तेल तिलहन, कच्चा पामतेल (सीपीओ), पामोलीन और बिनौला तेल कीमतें पूर्वस्तर पर बने रहे।

बाजार के जानकार सूत्रों ने बताया कि खाद्यतेलों का जरुरत से कहीं अधिक आयात होने से आयातक और कंपनियां इन्हें बंदरगाहों पर कम दाम पर बेच रही हैं। इससे विदेशी मुद्रा का नुकसान भी हो रहा है। देश में सस्ते सोयाबीन तेल का आयात होने के साथ अब अफ्रीकी देशों से सोयाबीन तिलहन भी आयात हो रहा है जो पिछले साल से कहीं अधिक है। इसने देशी तेल तिलहन की खपत को मुश्किल कर दिया है।

इस स्थिति के बीच देश के सोयाबीन किसान घबराहट में बिकवाली कर रहे हैं जिससे सोयाबीन की कीमतें नीचे आई हैं। सरसों के नमी प्रभावित होने से उसका रिफाइंड तो बन सकता है पर बड़ी ब्रांड की कंपनियां उसे लेने से कतरा रही हैं। मांग कुछ कमजोर रहने से सरसों में हल्की फुल्की गिरावट है।

सूत्रों ने कहा कि कच्चे पामतेल (सीपीओ) से पामोलीन बनाने में तीन-चार रुपये प्रति किलो का नुकसान है। सीपीओ और पामोलीन बाजार में खप नहीं रहा है। इन स्थितियों के बीच सीपीओ और पामोलीन के भाव पूर्वस्तर पर बने रहे। बिनौले की फसल लगभग खत्म हो चुकी है और इसके दाम भी पूर्ववत रहे।

खाद्यतेलों के प्रमुख संगठन ‘मस्टर्ड आयल प्रोसेसिंग एसोशिएशन’ (मोपा) के अध्यक्ष बाबू लाल डाटा ने सस्ते खाद्यतेलों के बढ़ते आयात पर चिंता जताते हुए कहा कि इससे तिलहन किसान हतोत्साहित हो सकते हैं और यह स्थिति देश के तिलहन खेती को प्रभावित करेगी। उन्होंने कहा कि सरकार को आयातित सस्ते खाद्यतेल पर अंकुश लगाने के बारे में सोचना चाहिये क्योंकि तेल की कई पेराई मिलें बंद चुकी हैं।

सूत्रों ने कहा कि देश में तिलहन खेती का रकबा घटना कोई अच्छा संकेत नहीं है। सूरजमुखी और सोयाबीन के रकबे में चालू खरीफ सत्र में गिरावट देखने को मिल रही है। देश के लिए विदेशी तेल मिलों को पूरी क्षमता से चलाने से कहीं अधिक महत्वपूर्ण है कि देश की खाद्यतेल मिलें अपनी पूरी क्षमता से काम करें।

शनिवार को तेल-तिलहनों के भाव इस प्रकार रहे:

सरसों तिलहन - 5,375-5,425 (42 प्रतिशत कंडीशन का भाव) रुपये प्रति क्विंटल।

मूंगफली - 7,075-7,125 रुपये प्रति क्विंटल।

मूंगफली तेल मिल डिलिवरी (गुजरात) - 17,380 रुपये प्रति क्विंटल।

मूंगफली रिफाइंड तेल 2,510-2,785 रुपये प्रति टिन।

सरसों तेल दादरी- 10,450 रुपये प्रति क्विंटल।

सरसों पक्की घानी- 1,745 -1,825 रुपये प्रति टिन।

सरसों कच्ची घानी- 1,745 -1,855 रुपये प्रति टिन।

तिल तेल मिल डिलिवरी - 18,900-21,000 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन तेल मिल डिलिवरी दिल्ली- 10,050 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन मिल डिलिवरी इंदौर- 9,880 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन तेल डीगम, कांडला- 8,320 रुपये प्रति क्विंटल।

सीपीओ एक्स-कांडला- 8,100 रुपये प्रति क्विंटल।

बिनौला मिल डिलिवरी (हरियाणा)- 9,100 रुपये प्रति क्विंटल।

पामोलिन आरबीडी, दिल्ली- 9,450 रुपये प्रति क्विंटल।

पामोलिन एक्स- कांडला- 8,480 रुपये (बिना जीएसटी के) प्रति क्विंटल।

सोयाबीन दाना - 4,945-5,040 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन लूज- 4,710-4,805 रुपये प्रति क्विंटल।

मक्का खल (सरिस्का)- 4,015 रुपये प्रति क्विंटल।

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