मलाप्पुरम (केरल), 10 मई सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ है जिसमें एक मुस्लिम विद्वान को जिले में एक कार्यक्रम के आयोजकों को मंच पर एक छात्रा को आमंत्रित करने के लिए कथित तौर पर फटकारते हुए देखा जा सकता है। सोशल मीडिया पर उनके इस कदम का जमकर विरोध हो रहा है।
इस वीडियो का कुछ समाचार चैनलों द्वारा भी प्रसारण किया गया। मुस्लिम विद्वानों के निकाय ‘समस्थ केरल जेम-इय्यातुल उलेमा’ के वरिष्ठ पदाधिकारी एम. टी. अब्दुल्ला मुसलियार आयोजकों में से एक को दसवीं कक्षा की छात्रा को पुरस्कृत करने के लिए मंच पर बुलाने को लेकर डांटते हुए दिख रहे हैं।
यह घटना हाल ही में जिले में एक मदरसा भवन के उद्घाटन के मौके पर हुई जहां छात्रों को सम्मानित किया गया था। छात्रा को इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग के नेता पनक्कड़ सैयद अब्बास अली शिहाब थंगल ने सम्मानित किया था।
पुरस्कार दिए जाने के तुरंत बाद मुसलियार ने आयोजकों से सवाल किया कि छात्रा को मंच पर क्यों आमंत्रित किया गया था। नाराज दिख रहे मुसलियार ने आयोजकों से कहा, "10वीं कक्षा की एक लड़की को मंच पर किसने बुलाया... अगर आप फिर से ऐसा करते हैं... ऐसी लड़कियों को यहां मत बुलाइए... क्या आप समस्थ के नियमों को नहीं जानते?... पुरस्कार लेने के लिए उसके माता-पिता को मंच पर आने के लिए कहें। जब हम यहां बैठे हैं तो ऐसी चीजें नहीं करें।’’
इस घटना पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए मुस्लिम स्टूडेंट्स फेडरेशन (एमएसएफ) की पूर्व राष्ट्रीय उपाध्यक्ष फातिमा ताहिलिया ने फेसबुक पर कहा कि लड़कियों को मंच से हटाने और उनके अपमान के समाज में दूरगामी परिणाम होंगे।
इस बीच, एमएसएफ के प्रदेश अध्यक्ष पी. के. नवास ने मुसलियार का समर्थन किया और उन पर हमले के लिए कुछ सांप्रदायिक तत्वों को जिम्मेदार ठहराया।
सोशल मीडिया पर समस्थ नेतृत्व के खिलाफ कई पोस्ट किए गए हैं।
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