हैदराबाद, 25 नवंबर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को कहा कि तेलंगाना में ‘‘मुस्लिम आरक्षण’’ डॉ. भीमराव आंबेडकर द्वारा निर्मित संविधान का अपमान है।
तेलंगाना के कुमुराम भीम आसिफाबाद जिले में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि मुसलमानों को आरक्षण ‘‘असंवैधानिक’’ है और इसे किसी भी कीमत पर लागू नहीं होने दिया जाना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) और कांग्रेस, दोनों ही दल देश को एक नए विभाजन की ओर ले जाना चाहते हैं।
योगी ने कहा, ‘‘तुष्टीकरण की राजनीति का गंदा खेल अब तेलंगाना में देखा जा सकता है। जब बीआरएस सरकार मुस्लिम आरक्षण की घोषणा करती है तब हमने तेलंगाना में देखा कि एक सरकार समाज को विभाजित करने के लिए किस हद तक जा सकती है।’’
उन्होंने कहा कि ‘‘मुस्लिम आरक्षण’’ अनुसूचित जाति-जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) को उनके अधिकारों से वंचित करने की साजिश का हिस्सा है। योगी ने कहा कि यह डॉ. भीमराव आंबेडकर द्वारा तैयार किए गए संविधान का अपमान है।
तेलंगाना में लोगों से भाजपा को वोट देने की अपील करते हुए उन्होंने कहा कि अगर भाजपा की सरकार बनती है तो वह धर्म-आधारित ‘‘असंवैधानिक’’ आरक्षण को खत्म कर देगी और ओबीसी, अनुसूचित जाति-जनजाति को इसका लाभ देगी।
मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव पर हमला करते हुए योगी ने कहा कि राज्य सरकार ने युवाओं, किसानों और महिलाओं से किए गए चुनावी वादों को पूरा न करके उन्हें धोखा दिया है।
बीआरएस को ‘‘भ्रष्टाचार रिश्वतखोरी समिति’’ करार देते हुए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री ने कहा कि अगर भाजपा सत्ता में आती है, तो वह आधिकारिक तौर पर ‘हैदराबाद मुक्ति दिवस’ मनाएगी।
गौरतलब है कि 17 सितंबर, 1948 को निजाम द्वारा शासित हैदराबाद राज्य का आधिकारिक तौर पर भारत संघ में विलय हो गया था।
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